Sun. Apr 11th, 2021

Real4news

Latest and Breaking News in Hindi, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी – Real4news.com

मुजफ्फरपुर। जागरुकता के आगे एईएस घुटने टेक चुका है : डॉ धर्मेन्द्र

2 min read

• जागरुकता के लिए सभी विभागों ने एकजुट होकर किया काम

• All departments worked together for awareness

• मुकम्मल व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य विभाग ने दिखाई सतर्कता

• Health department shows vigilance with complete arrangements

• दवा, उपकरण और 24 घंटे थी डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था

• Medication, equipment and 24-hour doctor and mercury medical staff

मुजफ्फरपुर। 02 जुलाई :

जागरूकता अमूमन कई समस्यों से निदान का रास्ता साबित होता है. कुढ़नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने भी एईएस(एक्यूट इन्सेफ़लाईटिस सिंड्रोम Acute encephalitis syndrome) के लिए इसी जागरुकता को अपना हथियार बनाया। नतीजा यह हुआ कि इस वर्ष मात्र 3 बच्चे ही कुढनी प्रखंड में एईएस से पीड़ित हुए। उन बच्चों के अभिभावकों ने भी जागरुक रह कर ही बच्चों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी. समुदाय को एईएस पर जागरूक करने में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कई विभागों ने कोरोना संक्रमण काल में भी सराहनीय कार्य किया है. फर्क साफ है जहां पिछले वर्ष कुढ़नी में 22 बच्चे एईएस से पीड़ित हुए थे, वहीं इस वर्ष मात्र 3 बच्चों को ही यह बीमारी अपने जद में ले पायी। अब यह तीनों बच्चे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

चमकी बुखार पर जम कर हुई है चर्चा:

कुढ़नी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ धर्मेन्द्र बताते हैं पिछले वर्ष भी जागरुकता फैलाई गयी थी, पर इस साल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जागरुकता के ढेरो आयामों पर काम किया। सबसे जरुरी था समुदाय को जानकारी देने के लिए एक लोकप्रिय और जानकार पात्र का चुनाव करना, जिसके लिए प्रखंड स्तर तथा जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रत्येक समुदाय में एईएस के लक्षणों तथा बचाव संबंधित जानकारी दी गयी. इस वर्ष जो भी 3 केस आए उसमें उन सभी के अभिभावक ने उस चमकी पर चर्चा में भाग लिया था, जिसका नतीजा है कि उन्होनें समय के महत्व को समझते हुए जल्द ही बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। चमकी पर जागरुकता फैलाने के लिए प्रखंड में 55000 पंपलेट का वितरण किया गया है।

400 से ऊपर स्वास्थ्यकर्मियों को मिला प्रशिक्षण:

बीसीएम अशोक कुमार ने बताया एईएस पर स्वास्थ्यकर्मियों का क्षमतावर्धन करने के उद्येश्य से करीब 82 एएनएम तथा 380 आशा वर्कर को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा जिला प्रशासन स्तर से भी जनप्रतिनिधियों तथा अन्य को प्रशिक्षण दिया गया। 49 ग्रामीण चिकित्सकों को भी इस बार प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे एईएस के लक्षण को पहचान उसे रेफर कर पाएं।

प्रत्येक पंचायत में 2 प्राइवेट टैग वाहन:

एमओआइसी डॉ धर्मेन्द्र बताते हैं इस बार प्राइवेट टैग वाहनों ने चमकी से लड़ने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. प्रखंड के 39 पंचायतों के प्रत्येक पंचायत में 2 टैग वाहन का चयन किया गया है। इन टैग वाहनों के नंबर को प्रत्येक आशा, जीविका और जन प्रतिनिधि के पास उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा सीएचसी में 3 एम्बुलेंस मौजूद हैं जिसमें एक एम्बुलेंस को खास कर एईएस के लिए डेडिकेट कर दिया गया है। टैग वाहन से लाने पर चालक को 400 रुपये की राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।

एईएस के लिए है अलग वार्ड:

सीएचसी कुढ़नी के नये भवन में एसओपी के अनुसार दो बेड का वातानुकुलित कमरा है। जिसमें ग्लूकोमीटर, ऑक्सीजन सेलेंडर, सक्सेसन मशीन सहित एईएस के उपचार में उपयोग होने वाले सभी उपकरण मौजूद हैं। वहीं रोस्टर के अनुसार वहां 24 घंटे डॉक्टर और पारामेडिकल स्टॉफ की ड्यूटी रहती है।

सीएचसी की व्यवस्था से खुश दिखते हैं नागरिक:

सीएचसी में उपचार और चिकित्सकों की सुविधा से प्रखंड के नागरिक खुश दिखते हैं। पछुवन गांव के निवासी सागर बताते हैं उनके बेटे को इस वर्ष चमकी हुआ था। वह जब उसे सीएचसी लेकर आये तो उन्हें चिकित्सकों और पारामेडिकल स्टॉफ के सहयोगात्मक रवैये से काफी ख़ुशी हुयी थी. उन्होंने बताया उनके बेटे की हालत जब स्थिर हुई तब उसे सरकारी एम्बुलेंस से एसकेएमसीएच भेजा गया। स्वस्थ होने के बाद भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने फोन कर हाल पूछते रहते थे।