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‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ की सफलता के लिए एएनएम को मिला प्रशिक्षण

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 जन आंदोलन के रूप में मनाया जा रहा मार्च महीना, 24 तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन

शिवहर: राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की सफलता के लिए शिवहर में ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की सफलता के लिए विभाग ने मार्च महीने को जन आंदोलन के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिला से प्रखंड स्तर पर कई गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को पुरनहिया पीएचसी में प्रखंड स्तरीय बैठक हुई। बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की सफलता पर चर्चा की गई। बैठक में जिला मुख्यालय से गये यक्ष्मा इकाई के कर्मियों ने टीबी रोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बताया। वहीं मंगलवार को पिपराही में एएनएम को टीबी के खिलाफ काम करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जियाउद्दीन जावेद ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। इस अभियान में सबसे ज्यादा स्थानीय स्तर पर पंचायती राज से जुड़े जनप्रतिनिधियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। इसीलिए इनका सहयोग भी अपेक्षित है।

कुपोषित व्यक्तियों में टीबी होने की संभावना
डॉ. जियाउद्दीन जावेद ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। जड़ से मिटाने के लिए हम सभी को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि टीबी के मरीज गरीब परिवारों के बीच से ही आते हैं। जिसमें कुपोषित व्यक्तियों या बच्चों में ये सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। क्योंकि अगर कोई एक व्यक्ति टीबी से ग्रसित हो गया तो सभी लोग एक छोटी सी झुग्गी झोपड़ी में ही रहते हैं जिस कारण एक दूसरे में टीबी का संक्रमण फैल जाता है।

वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
जन आंदोलन अभियान के तहत प्रखंड स्तर पर यक्ष्मा रोगी की पहचान के विषय में जानकारी दी जाएगी। ताकि टीबी के लक्षणों को पहचान कर रोगी को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भेजा जा सके। टीबी के रोगी का जल्द से जल्द उपचार शुरू किया जा सकेगा।

हर व्यक्ति की नि:शुल्क जांच व इलाज
डॉ. जियाउद्दीन जावेद ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही दवा भी मुफ्त दी जाती है। टीबी रोग की रोकथाम के विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। टीबी रोगी सघन खोज अभियान में रोग के लक्षण मिलने पर उसके बलगम की जांच की जाती है। साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने के लिए लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास भी किया जाता है।

केयर इंडिया की टीम करेगी सहयोग

प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस मनाया जाता है। इस बार सहयोगी संस्था केयर इंडिया द्वारा सभी प्रखंड मुख्यालयों में सहयोग किया जाएगा। केयर इंडिया की डीटीएल पल्लवी बोस ने बताया की इसके तहत टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुख, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, निक्षय पोषण योजना आदि विषय पर व्यापक जानकारी दी जाएगी।

टीबी रोग के लक्षण
लगातार तीन हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
– खांसी के साथ खून का आना
– छाती में दर्द और सांस का फूलना
– वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना
– शाम को बुखार का आना और ठंड लगना
– रात में पसीना आना

रिपोर्ट :अमित कुमार