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बेगूसराय :एएलसीएपीए जैसे गंभीर हृदय रोग का भी संभव है इलाज

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तीन लाख बच्चों में से एक को होती है ऐसी गंभीर बीमारी
बेगूसराय :– कम आय वाले देश में जन्मजात हृदय रोग वैश्विक रूप से एक चिंता का विषय है। यहां माता-पिता के धैर्य की परीक्षा तब होती है जब उनका बच्चा जन्म से ही एएलसीएपीए( ALCAPA ) जैसे गंभीर हृदय रोग से ग्रसित होता है। ऐसी परिस्थिति में बच्चे के माता-पिता को उसे जीवित रखना ही एक बड़ी चुनौती होती है। परंतु देश के लिए यह गर्व की बात है कि इस खतरनाक बीमारी का भी सर्जरी के माध्यम से इलाज संभव है। उक्त बातें बेगूसराय के जाने-माने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मेजर कुंदन कुमार ने रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि बेगूसराय के रतनपुर निवासी मासूम शुभम को इलाज के लिए उनके पास लाया गया था। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उक्त बच्चा एनोमैलॉस लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी (anomalous left coronary artery )अराइजिंग फ्रॉम पल्मोनरी आर्टरी बीमारी (pulmonary artery disease)से ग्रसित है। उन्हें पता चला कि उक्त बच्चा जन्म से ही हृदय रोग से ग्रसित था। जिसके कारण उसके शरीर का विकास बहुत धीमी गति से हो रहा था। शुभम को दूध पिलाते वक्त वह लगातार रोते रहता था। देखते ही देखते उसके शरीर से पसीना निकलने लगता और शरीर नीला पड़ जाता था। शुभम लगातार निमोनिया से भी ग्रसित रहने लगा था। जिसके कारण उसके माता-पिता चिकित्सकों के पास आते जाते नाउम्मीद हो चुके थे। डॉ कुंदन ने बताया कि उन्होंने बच्चे के जीवन रक्षा को एक चैलेंज के रूप में लिया और कोलकाता के नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल(Naraina Super Specialty Hospital ) के चिकित्सकों से विचार विमर्श किया।

नारायणा हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ देवाशीष दास, डॉ अमिताभ चट्टोपाध्याय आदि ने उन्हें अविलंब बच्चे को भेजने की सलाह दी। उक्त हॉस्पिटल में पहुंचने पर बच्चे का सफल हार्ट सर्जरी (heart surgery)किया गया और बच्चे ने नया जीवन प्राप्त किया। डॉ देवाशीष दास ने बताया कि वैसे तो हार्ट सर्जरी में काफी खर्च आता है। परंतु शुभम के गरीब माता-पिता को सरकारी लाभ दिलवाते हुए बच्चे का ऑपरेशन कराया गया। डॉ अमिताभ चट्टोपाध्याय ने बताया कि ऐसी बीमारियों की पहचान होने पर बच्चों को अविलंब अच्छे चिकित्सकों से सलाह लेनी चाहिए तथा उनका इलाज कराना चाहिए। इस बीमारी के इलाज में देरी होने पर बच्चे की मौत भी हो सकती है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिले के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रंजन कुमार ने बताया कि कई बार बच्चों में अनुवांशिक स्थिति के कारण हृदय रोग होते हैं। इसमें घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय रहते किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज संभव है।

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