Wed. Apr 14th, 2021

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गया : एईएस और जेई को लेकर जिलाधिकारी ने वीसी के माध्यम से की बैठक.. वैक्सीनेशन का काम शुरू करने सहित दिए कई निर्देश

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गया : गया जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने अपने कार्यालय प्रकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारीपीएचसी के एमओआईसी, डॉक्टर,सीडीपीओ इत्यादि के साथ उनके प्रखंड की स्थिति के संबंध में जानकारी ली एवं उन्होंने सभी पीएचसी में एईएस/जेई की दवा की उपलब्धता, वैक्सीन की उपलब्धता एवं पर्याप्त बेड की उपलब्धता की जानकारी ली गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री, बिहार के स्तर से भी एईएस/जेई की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है एवं जानकारी ली जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि एईएस के मरीज ज्यादातर नॉर्थ बिहार एवं आद्रता/ नमी वाले जगहों पर पाए जाते हैं। विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष काफी हद तक गर्मी कम है जिसके कारण चमकी बुखार के मरीज के आने की संभावना अधिक है। आज के बैठक में बताया गया कि अब तक चमकी बुखार के लिए 85% बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिलाधिकारी ने इसे शत-प्रतिशत पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि 6 मई के बाद जेई का वैक्सीनेशन प्रारंभ होगा जो जेई-1 एवं जेई -2 वैक्सीन डोज अभियान के रूप में चलाएं, जिसमे कोई बच्चा न छूट सके। जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल आगनबाडी सेंटर बंद है इसलिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने प्रखंड के टी.एच.आर की जाँच घर घर कराते रहें। चमकी बुखार के ज्यादातर केस सुबह 4:00 से 5:00 बजे आते हैं उस समय काफी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रातःकाल मे तैयारी रखने की जिम्मेदारी सिविल सर्जन गया को दी गई है सिविल सर्जन अपने स्तर से रोस्टर बनाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कौन डॉक्टर एवं नर्स सुबह की पाली में ड्यूटी करेंगे! सभी आयुष डॉक्टर एवं एमओआईसी को निर्देश दिया कि अर्ली मॉर्निंग सेटअप रखें ताकि समय पर प्रॉपर ट्रीटमेंट किया जा सके।किसी गांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए पर्याप्त साधन की व्यवस्था रखें। मुखिया, वार्ड सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि,डॉक्टर,प्रखंड विकास पदाधिकारी इत्यादि सभी लोग अपने अपने क्षेत्र के पंचायत के वैसे व्यक्ति जिनके पास टैंपू या अन्य साधन जिससे चमकी बुखार के मरीज को अविलंब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा सके उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध रखें एवं गांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के लिए जो वाहन प्रयोग किया जाएगा उसका राशि भी प्रदान किया जाएगा। चमकी बुखार वाले मरीजों के लिए प्रथम 2 घंटे काफी महत्वपूर्ण होते हैं। प्रथम 2 घंटे में यदि चमकी बुखार के मरीज का इलाज किया जाता है तो शत प्रतिशत वह स्वस्थ हो जाता है। संबंधित पीएचसी जब विशेष चिकित्सा सेवा के लिए यदि अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल रेफर करेंगे उसके पूर्व ब्लड शुगर एवं मरीज को कौन कौन सी दवा दी गयी हैं इत्यादि रेफरिंग नोट पर लिखकर ही भेजेंगे ताकि समय रहते हैं उसे उचित दवा दी जा सके एवं
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं एमओआईसी को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में माइकिंग कराते रहें। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा रूट चार्ट निर्धारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि गया जिला अंतर्गत 10 प्रखंडों को चिह्नित किया गया है, जहां से चमकी बुखार के मरीज के आने की संभावना ज्यादा रहती है उन्होंने कहा कि वैसे महादलित टोला जहाँ के व्यक्ति सूअर के समीप रहते हैं, वैसे व्यक्तियों को 4 से 5 महीना सूअर को अलग रखने का निर्देश दें ने को कहा गया है जहाँ जलजमाव रहता है उन जगहों से जल निकासी की व्यवस्था करायी जाए या उस जगह पर किरासन तेल का छिड़काव कराय जाए अन्यथा वहाँ के व्यक्तियों को उस जगह से दूर रहने का सुझाव दिया जाए।सभी महादलित टोला एवं प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराते रहने के निर्देश दिए तथा संध्या में मच्छर भगाने के लिए फागिंग भी कराते रहने के निर्देश दिए गए हैं ज्यादातर चमकी बुखार के मामले में यदि किसी को मच्छर काटता है और वही मच्छर वापस सूअर पर बैठकर सूअर को काटता है उसके बाद वापस वही मच्छर किसी 15 साल से कम उम्र के बच्चों को काटता है तो वह चमकी बुखार से ग्रसित हो जाता है। इसीलिए सूअर को घर से दूर रखने की सलाह दी गयी है।सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में कोई भी बच्चा रात्रि में भूखा ना सोए। यदि किसी बच्चे को बुखार होता है तो उसे आशा या डॉक्टर द्वारा सिर्फ पारासिटामोल का टेबलेट दिया जाएगा इसके अलावा बुखार का कोई अन्य दवा नहीं दी जाएगी एवं बच्चे को यदि तेज बुखार रहता है तो उसके शरीर को सामान्य पानी से पोंछते रहें, ताकि बुखार को 100 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंचाया जा सके। सभी प्रखंडों में नोज़ल स्प्रे उपलब्ध कराया जा रहा है। चमकी बुखार में यदि कोई बच्चे बेहोश रहता हैं तो उस बच्चे के मुंह में कुछ नहीं दिया जाएगा यह सतर्कता अनिवार्य रूप से रखें, चमकी बुखार का इलाज प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया जाएगा और
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के आलोक में बताया कि आने वाले दिनों में माइग्रेंट लेबर गया जिला में आ सकते हैं जिनकी संख्या लगभग 15 से 20 हजार है। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को अपने प्रखंड क्षेत्र में क्वॉरेंटाइन सेंटर चिह्नित रखने का निर्देश दिया, ताकि पर्याप्त संख्या में स्क्रीनिंग के उपरांत संबंधित प्रखंडों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में भेजा जा सके एवं प्रखंड स्तर पर जो क्वॉरेंटाइन चिन्हित करेंगे उसमें शौचालय की व्यवस्था पेयजल की व्यवस्था पंखा की व्यवस्था एवं पर्याप्त चीजों की व्यवस्था मुकम्मल रखने का निर्देश दिया गया है। क्वॉरेंटाइन सेंटर के लिए वैसे क्षेत्र चिह्नित करें जहां चाहरदीवारी हो। जिससे कोई माइग्रेंट लेबर भाग न सके एवं सभी क्वॉरेंटाइन सेंटर पर पुलिस पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। संबंधित क्वॉरेंटाइन सेंटर पर फिलहाल उन्हें 14 दिनों तक रखा जाएगा एवं जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को कहा कि संबंधित क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर रोटी खिलाने की भी व्यवस्था रखें और कई लोग डायबिटीज के भी मरीज होते हैं जिन्हें चावल खाना मना रहता है उन व्यक्तियों के लिये रोटी भी उपलब्ध करायी जाए एवं प्लस टू स्कूल, कॉलेज इत्यादि बड़े बड़े भवनों को विशेष रूप से चिह्नित करें ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए बड़ी संख्या में माइग्रेंट लेबर को रखा जा सके एवं जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी,आमस को आमस बॉर्डर चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने के निर्देश दिए ताकि बॉर्डर पार कर रहे व्यक्तियों के आवागमन पर नजर रखी जा सके। सभी क्वॉरेंटाइन सेंटर पर ससमय भोजन उपलब्ध कराया जाए। इस
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सहायक समाहर्ता के एम अशोक,उप विकास आयुक्त किशोरी चौधरी, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुनील कुमार,सिविल सर्जन गया बीके सिंह, हेल्थ केयर के डॉक्टर शशी रंजन,डीपीएम स्वास्थ्य निलेश कुमार उपस्थित थे।

                            रिपोर्ट : धीरज गुप्ता