Thu. Apr 15th, 2021

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गया : जिलाधिकारी ने राजनीतिक पर्टियों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक.. कोरोना से जंग में सहयोग की अपेक्षा की

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गया : गया जिलाधिकारी अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में कोविड-19 वैश्विक महामारी कोरोना से सुरक्षा एवं बचाव को लेकर किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान गया में की जा रही व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लेने के उद्देश्य से सभी पॉलीटिकल पार्टी के जिला प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई है।आज के बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री शामिल हुए हैं।
सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने लॉकडाउन के दौरान तथा लॉक डाउन के पूर्व कोविड-19 से गया को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किए गए कार्यों का विवरण रखा गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि गया जिला में लॉक डाउन के बहुत पहले से ही सावधानी बरती गयी है क्योंकि गया एक अंतरराष्ट्रीय स्थल है यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में अन्य देशों से लोग आते रहते हैं। गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर जनवरी के अंत से ही विदेशी आगंतुकों की स्क्रीनिंग कराई जाने लगी तथा विदेशी लोगों पर नजर रखी जाने लगी है। इसके लिए हवाई अड्डा पर ही उनके आवासन स्थल एवं मोबाइल नंबर की जानकारी ली जाती थी और जिनमें भी जरा सा भी लक्षण मिले उन्हें क्वॉरेंटाइन में रखा गया है। जिले में आम लोगों, सभी राजनीतिक दलों,एनजीओ एवं संस्थाओं के सहयोग से ही गया में जिला प्रशासन ने कोविड-19 पर काबू पा सका है गया में पहला मामला 29 मार्च को पहाड़पुर में मिला था,जो मुंगेर जिले के संक्रमित व्यक्ति से संबंधित था। दूसरा मामला गुरुद्वारा से मिला जो दुबई से संबंधित था इसके सभी पॉजिटिव मामले ठीक होकर निगेटिव हो चुके हैं एवं तीसरा मामला 24 अप्रैल को मिला जहाँ एक व्यक्ति दिल्ली से टिकारी आया था और 2 घंटे के अंदर उसे आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा दिया गया है। यही कारण है कि अन्य लोगों में इसका संक्रमण नहीं हो सका है! बिहार में सबसे ज्यादा क्वॉरेंटाइन सेंटर गया जिला में है जहाँ लगभग 1700 लोगों को कोरेंटिन में रखा गया है। वहीं 12500 से ज्यादा लोगों को होम कोरेंटिन में रखा गया है। यही कारण है कि यहाँ संक्रमण नहीं फैल सका। जो भी व्यक्ति पॉजिटिव मिला उसके संपर्क वालों को 24 घंटे के अंदर खोज लिया गया है। ऐसे बहुत सारे लोग जो गया में फंस गए हैं उनके लिए राहत आपदा केंद्र चलाया गया, जहाँ उन्हें भोजन आवासन की सुविधा दी गई है। वैसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं था तथा परिस्थिति के कारण सूखा राशन का अभाव हो गया है वैसे 1500 से 2000 लोगों को प्रतिदिन सूखा राशन का पैकेट उपलब्ध कराया जाता रहा। जिसमें 5 किलोग्राम चावल, एक किलोग्राम दाल, 1 किलो ग्राम आलू, 500 ग्राम नमक एवं एक साबुन दिया जाता रहा है। इस पुनीत कार्य में अनेक संस्थाओं ने सहयोग दिया। बीटीएमसी बोधगया प्रतिदिन 1000 खाद्यान्न पैकेट जिला प्रशासन को उपलब्ध करा रहा है। गया शहर को सैनिटाइज किया गया इसके साथ ही प्रमुख भवन संस्थान को भी सैनिटाइज किया गया है इसलिए किया गया क्योंकि कोरोना वायरस लोहे एवं स्टील पर ज्यादा देर तक रहता है। इसलिए उन्हें सैनिटाइज किया गया है। सभी प्रखंडों में सैनिटाइजेशन के लिए दो-दो पंचायत पर एक स्प्रे मशीन उपलब्ध कराया गया है। गया जिले में तीन स्थलों को कंटेंटमेंट जोन बनाया गया,जहाँ पॉजिटिव केस मिले थे। भारत सरकार के गाइडलाइन के अनुसार वहां के तिन किलोमीटर की परिधि में किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाया गया था। 28 दिन पूरा होने पर पहाड़पुर एवं गुरुद्वारा से पाबंदी हटा ली गयी है। लॉकडाउन के दौरान इमरजेंसी केस खास करके संस्थागत प्रसव के लिए सभी प्रखंडों में एंबुलेंस उपलब्ध कराया गया है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल को 7 जिलों के लिए कोविड-19 स्पेशल हॉस्पिटल घोषित किया गया है। जिसके कारण अन्य मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था प्रभावती एवं जयप्रकाश नारायण अस्पताल में की गई है।
लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों के बीच खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अप्रैल-मई एवं जून माह के लिए पांच-पांच किलोग्राम चावल एवं एक-एक किलोग्राम दाल प्रति व्यक्ति देना था। चावल मिल चुका है,लेकिन दाल अब आया है जिसे बंटवाया जाएगा। जो लोग छूट गए हैं उन्हें भी नए राशन कार्ड में जोड़ा जा रहा है लगभग 96000 नए लोगों को पीडीएस से जोड़ा गया है।जिसमें नवविवाहिता एवं नए बच्चे शामिल हैं। 2 साल पहले आधार कार्ड नहीं रहने के कारण जो लोग छूट गए थे वैसे डेढ़ लाख परिवार को जीविका के दीदियों द्वारा चिह्नित किया गया हैऔर 15000 परिवार को नगर निगम द्वारा चिन्हित किया गया है। उनका राशन कार्ड 15 से 20 मई तक बन जाएगा। उन्हें भी रुपये 1000 एवं राशन दिया जाएगा और बिहार में सभी जिलों को रेड या ऑरेंज जोन में रखा गया है। गया जिले को रेड जोन में रखा गया है। यह एक तरह से सतर्कता के लिए अच्छा है आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश में जिलाधिकारी को स्पेशल पावर दिया गया है जिसके अंतर्गत ऑरेंज जोन की तरह ही अन्य जरूरी दुकानों को खोलने के आदेश जारी किए गए हैं।जिसके कारण रेड जोन एवं ऑरेंज जोन में कोई विशेष अंतर नहीं है।कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बिना पास अंतर्राज्यीय वाहन प्रवेश नहीं दिया जा रहा है सिर्फ केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए ही पास दिया जा रहा है, नए गाइडलाइन के अनुसार के अब जिनके बच्चे बाहर फंसे हुए हैं या गया के लोग बाहर या बाहर को लोग गया में फंसे हुए हैं उन्हें पास दिया जायेगा एवं उसके लिए ड्राइवर के अलावा दो आदमी से ज्यादा को बैठने की अनुमति नहीं होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। कोटा से गया आने वाले 364 छात्र/छात्राओं की स्क्रीनिंग की गई है उन्हें होम क्वारेनटाईन पर रखा गया है। उनके अभिभावकों को समझाने की जरूरत है कि वे घर में ही रहे, बाहर नहीं निकले।अब अगली चुनौती आने वाले प्रवासी मजदूरों को लेकर है। उन सभी की स्क्रीनिंग करके 21 दिनों तक क्वारेनटाईन सेंटर में रखा जाए।सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उनके सहयोग की अपेक्षा की है आप वे अपने स्तर से उन परिवारों से अनुरोध करे कि यह उनके परिवार एवं समाज के साथ,सभी के सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। प्रवासी मजदूरों को अन्य जिलों एवं प्रखंडों में भेजने के लिए 2 ट्रांजिट प्वाइंट बनाया गया है पहला शेरघाटी तथा दूसरा निगमा मोनास्ट्री।क्वारेनटाईन सेंटर में दैनिक जीवन की सभी वांछित सुविधा यथा भोजन,बिछावन, साबुन, टूथपेस्ट, टूथब्रश दी जा रही है और इसके साथ ही स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।लोगों की समस्याओं के समाधान एवं आम सूचना संग्रह करने के उद्देश्य से जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है जहां 10 टेलीफोन लगवाए गए हैं। इस बैठक में कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद यादव, भाजपा के जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा, सी.पी.आई. के मो. मिर्जा, राजद के मो. शमीम, सी.पी.आई. माले के निरंजन कुमार, रालोसपा के गोपाल प्रसाद,आप पार्टी के अनंत केसरी, लोजपा के मनीष कुमार, जदयू के नोनू खान,भाजपा जिला महामंत्री राजेश कुमार सिंह,राजद के मो. खुर्शीद आलम, हम के जिलाध्यक्ष डॉ सिबतुल्लाह उर्फ टूटू खान सहित सभी पार्टी के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव रखें है।
इन लोगों द्वारा पार्टी जिलाध्यक्ष को क्वारेनटाईन सेंटर का निरीक्षण करने हेतु वाहन पास उपलब्ध कराने, निजी संस्थाओं एवं राजनीतिक दलों को सुखा राशन वितरण करवाने की अनुमति देने,निजी क्लीनिक खुलवाने, ठेला या वेंडर वाले को घूम-घूम कर बेचने की छूट देने,शहरी क्षेत्र में क्वारेनटाईन सेंटर नहीं बनाने और गया में एवं गया के बाहर फंसे हुए लोगों को पास उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है। जिसके संबंध में संबंधित पदाधिकारी के द्वारा एक एक बिंदु का जवाब दिया गया है।
जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि वाहन पास किसी भी विशिष्ट व्यक्ति को उपलब्ध कराने का निर्देश प्राप्त नहीं है आवश्यक वस्तुओं को ले जाने और लाने पर किसी भी प्रकार का रोक नहीं है। निजी चिकित्सकों के साथ बैठक कर उन्हें क्लीनिक खोलने के लिए कई बार अनुरोध किया जा चुका है फिर उनसे पुनः अपील की जाती कि वे अपना क्लीनिक खोलें एवं निजी संस्था को सूखा राशन वितरण करने की अनुमति नहीं दी जा रही है उसका प्रमुख कारण सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराना है।
इस बैठक में सिटी एसपी राकेश कुमार, नगर आयुक्त, गया, नगर निगम सावंन कुमार, सहायक समाहर्ता के. एम. अशोक, उप-विकास आयुक्त किशोरी चौधरी,अपर समाहर्ता मनोज कुमार, जिला लोक शिकायत एवं निवारण पदाधिकारी नरेश झा, सिविल सर्जन,गया मनीष कुमार सिंह एवं गया जिला के सभी राजनीतिक दलों के जिला प्रतिनिधि सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

                        रिपोर्ट : धीरज गुप्ता