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गया : मिट्टी जांच अभियान में तेजी लाने का प्रयास हुआ तेज..प्रसार कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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गया : गया (Gaya) बाजार (bazar) समिति चन्दौती, स्थित संयुक्त कृषि भवन, गया के सभागार में वित्तीय वर्ष 2020-21 के मिट्टी जाॅच अभियान अन्तर्गत मिट्टी नमूना एकत्र करने, मिट्टी (soil) नमूनों को प्रयोगषाला तक पहुॅचाने एवं मिट्टी जाॅच (Check) के बाद प्राप्त होने वाले मृदा स्वास्थ्य कार्ड (health card) के आधार पर किसानों से उर्वरक एवं अन्य पोषक तत्वों का व्यवहार कराने के उद्देष्य से एक दिवसीय प्रषिक्षण का आयोजन सहायक निदेशक, रसायन,मिट्टी जाॅच प्रयोगशाला, गया ललन कुमार सुमन द्वारा कराया गया है।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी, गया अशोक कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर उप परियोजना निदेषक, आत्मा, गया नीरज कुमार वर्मा, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, संजय कुमार, मिट्टी विष्लेषक, विकास वैभव एवं अजय कुमार सिन्हा आदि उपस्थित थे।
जिला कृषि पदाधिकारी, गया ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को उर्वरक मृदा स्वास्थ्य कार्ड में की गई अनुशंसा के अनुसार ही मिलेगा। अतः सभी किसानों के लिये आवष्यक है कि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई जानकारी को समझकर उसके अनुसार ही दी गई मात्रा में उर्वरक एवं अन्य पोषक तत्वों का व्यवहार करें।
सहायक निदेशक, रसायन ने बताया कि मिट्टी का नमूना बहुत ही सावधानी से लेना चाहिये एवं इसके लिये निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिये क्योंकि नमूना के आधार पर ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड में जाॅच का विवरण लिखा जाता है नमूना सही नहीं होने पर योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पायेगा। स्वस्थ मिट्टी में पौधों के लिये 17 आवश्यक पोषक तत्व संतुलित मात्रा में होने आवश्यक है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई जानकारी के अनुसार उर्वरकों एवं अन्य पोषक तत्वों का व्यवहार करने से मिट्टी हमेशा स्वस्थ्य बनी रहेगी एवं खेती की लागत भी घटेगी और फसल भी अच्छी होगी।
इस वर्ष प्रत्येक प्रखण्ड के 13 गाॅवों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित प्रत्यक्षण सह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। प्रत्क्षण संबंधित गाॅव में लगाये जाने वाली फसलों की पद्धति के आधार पर कराया जायेगा। फसल प्रत्यक्षण आयोजित करने से पहले किसानों के खेत की मिट्टी का नमूना एकत्र कर उसकी जाॅच करायी जा रही है। जाॅच के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई जानकारी के अनुसार किसान खेती करेंगें और जानेंगें की मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई जानकारी से कैसे उनकी लागत घटती है और उपज बढ़ती है। प्रशिक्षण में सभी प्रखण्डों के चयनित गाॅवों के प्रभार में कार्य कर रहे कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबन्धक एवं किसान सलाहकार को 25 से 30 का बैच बनाकर सोशल डिस्टेंशिंग (Social distancing) का पालन करते हुये प्रशिक्षण दिया गया।

रिपोर्ट : धीरज गुप्ता