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गया : मुख्यमंत्री ने कामगारों के लिए प्रवासी शब्द के इस्तेमाल पर जताया ऐतराज कहा सब हैं अपने. सबके लिए सरकार है सजग

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-बिहार के मजदूरों के लिए प्रवासी शब्द के प्रयोग पर उन्होंने कहा कि देश एक है, नागरिकता एक है, यहां कोई प्रवासी नहीं है। हमारा दायित्व है लोगों की सेवा करना है कोरोना संक्रमण से हमें डरना नहीं है बल्कि सजग और सचेत रहना है।-मुख्यमंत्री
कोरोना की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री ने किया जनप्रतिनिधियों को संबोधित

गया : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) ने वैश्विक महामारी कोरोना (Corona) की रोकथाम हेतु वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थान एवं नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों तथा सभी पदाधिकारियों को संबोधित किया है।इसे जिला स्तर पर इसकी व्यवस्था (arrangement) समाहरणालय सभागार गया में की गई थी। इस अवसर पर गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा, जिला परिषद अध्यक्षा करुणा देवी, नगर निगम के महापौर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, उपमहापौर ओंकारनाथ श्रीवास्तव उर्फ मोहन श्रीवास्तव, जिला परिषद के उपाध्यक्ष राजेश पासवान, नगर आयुक्त सावन कुमार, सिटी एसपी राकेश कुमार, उप विकास आयुक्त किशोरी चौधरी, अपर समाहर्त्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नरेश झा सहित जिले के तमाम पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए सबों से सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing)  का ख्याल रखने की अपील की है कोरोना संक्रमण (Infection) से बचाव का यही है प्रभावी उपाय है कोरोना से बचाव के लिये मास्क पहनना निहायत जरूरी है। साथ ही हर जगह साफ-सफाई का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि पूर्वी देशों जैसे जापान में मास्क लगाने की परंपरा पहले से ही है इसलिये वहां कोरोना संक्रमण के मामले कम हैं।बिहार के मजदूरों के लिए प्रवासी शब्द के प्रयोग पर उन्होंने कहा कि देश एक है, नागरिकता एक है, यहां कोई प्रवासी नहीं है। हमारा दायित्व है लोगों की सेवा करना है कोरोना संक्रमण से हमें डरना नहीं है बल्कि सजग और सचेत रहना है। मार्च में इसकी चर्चा होने लगी है। इसके उपरांत हर स्तर पर बैठक कर कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की गयी है। गांव में रहने वाले लोगों, जनप्रतिनिधियों सभी ने इसमें अहम भूमिका निभाई यहां के जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता में बड़ी जागरूकता है अब आवागमन पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है दुकान एवं प्रतिष्ठान खुल गए हैं इसलिए कोरोना से बचाव के लिये मास्क पहनना निहायत जरूरी है। बिहार में मास्क की कोई कमी नहीं है। बड़े पैमाने पर मास्क बनाये जा रहे हैं। जीविका की दीदियां एवं क्वारंटाइन सेंटरों (Quarantine centers) में रह रहे लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक परिवार को चार मास्क एवं साबुन निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। शहर में भी रह रहे गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों के बीच मास्क का निःशुल्क वितरण किया जाय। क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगों की नियमित जाॅच हो। होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों की पल्स पोलियो (Pulse Polio) अभियान की तर्ज पर नियमित स्क्रीनिंग (Screening) की जाए, उन पर नजर रखी जाए। कोरोना से संक्रमित बहुत से लोगों में लक्षणों का पता नहीं चलता है इसलिये उनकी सतत निगरानी आवश्यक है जो भी व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव (Positive) मिलते हैं उन्हें आइसोलेशन केन्द्रों पर रखा जाय एवं आइसोलेशन (isolation) केन्द्रों का विस्तार किया गया है। वैसे सरकारी भवन जो अभी कार्यरत नहीं हैं के साथ-साथ निजी व्यावसायिक भवनों में आइसोलेशन केन्द्र खोले जा रहे हैं। अब तक आइसोलेशन केन्द्रों में 13 हजार 4 सौ 96 बेड्स की उपलब्धता है जिसे 40 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य है।कोरोना से संक्रमित गैर लक्षणों वाले लोगों को आइसोलेशन केन्द्रों पर रखा जायेगा। जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण हों उन्हें अनुमंडल स्तर पर बनाये गये कोविड हेल्थ सेंटरों (Covid Health Centers)  में रखा जायेगा वहीं कोरोना से ज्यादा बीमार लोगों को डेडिकेटेड कोविड हाॅस्पीटल में रखा जायेगा। एन0एम0सी0एच0, पटना, (N.M.C.H., Patna), जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज भागलपुर (Bhagalpur) एवं अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल काॅलेज (Medical college) गया को डेडिकेटेड (dedicated) कोविड हाॅस्पीटल के रूप में चिन्ह्ति किया गया है। इनमें कोरोना से प्रभावित लोगों के लिये 2344 बेड्स की व्यवस्था की गयी है।
क्वारंटाइन केन्द्रों में रखे गये लोगों के लिये सरकार द्वारा औसतन प्रति व्यक्ति 5300 रूपये व्यय किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान बिहार से बाहर रह रहे बिहार के लोगों को वहां काफी कष्ट सहना पड़ा। वहां की अधिकांश निजी कम्पनियों ने, जहाँ वे कार्यरत थे, उनका ध्यान नहीं रखा। इससे हमें काफी कष्ट हुआ है। हम चाहते हैं कि किसी को भी मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े, सभी को यहीं रोजगार मिले। सरकार द्वारा बाहर फंसे लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजनान्तर्गत अब तक 20 लाख से अधिक लोगों को प्रति व्यक्ति एक हजार रूपये की राशि की मदद दी गयी हैबिहार के सभी राशन कार्डधारियों को एवं राशन कार्ड के लिये चिन्ह्ति परिवारों को भी प्रति परिवार एक हजार रूपये की राशि दी गयी। अब तक 1 करोड़ 41 लाख राशन कार्डधारी तथा 21 लाख गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य चिन्ह्ति परिवारों को यह सहायता प्रदान की गयी है। अब तक 1620 करोड़ रूपये व्यय किये गये हैं। सभी चिन्ह्ति लोगों के राशन कार्ड बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति,पोशाक एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत 3261 करोड़ रूपये व्यय किये गये हैं।


बिहार के 85 लाख पेंशनधारियों को तीन महीने का अग्रिम भुगतान किया गया है। इस मद में सरकार ने 1017 करोड़ रूपये खर्च किये गए हैं
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 200 से अधिक आपदा केन्द्र चलाये गये, जिससे प्रति दिन लगभग 74 हजार लोग लाभान्वित हुये हैं
फरवरी, मार्च एवं अप्रैल महीने में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से हुयी फसल क्षति के अनुदान के लिये 730 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है। अब तक 12 लाख 35 हजार किसानों के बीच 417 करोड़ रूपये कृषि इनपुट सब्सिडी के रूप में वितरण किया गया है। शेष किसानों के खातों में जाॅचोपरांत राशि अंतरित की जा रही है।सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत कोरोना उन्मूलन कोष का गठन किया गया है। कोरोनो उन्मूलन कोष में 180 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध है। इस कोष की राशि से दवा, जरूरी मशीनें, टेस्ट किट आदि सामग्री का क्रय स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा सकता है।कोरोना संक्रमण के दौरान अब तक सरकार द्वारा लोगों को राहत पहुॅचाने के लिये 8 हजार 538 करोड़ 52 लाख रूपये व्यय किये गये हैं।आपदा प्रभावितों के लिये हमने शुरू से काम किया है। कोरोना संक्रमण को भी आपदा मानते हुये लोगों को राहत पहुॅचाई गयी है। सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। सभी लोग एक दूसरे का ध्यान रखें। किसी की भी तबियत खराब होती है तो उसकी जाॅच करायें एवं ग्रामीण चिकित्सक भी इसका ध्यान रखें। बीमारी के लक्षण दिखने पर लोगों को जाॅच कराने के लिये प्रेरित करें एवं उन्होंने 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग, गर्भवती महिलायें, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की और कहा किइनमें कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है।सरकार द्वारा लोगों को माइकिंग एवं अन्य माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान को निरंतर चलाते रहना है।
उन्होंने कहा कि यहाँ रह रहे लोगों एवं बाहर से आये लोगों के रोजगार के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। हम चाहते हैं कि सभी को यहीं रोजगार मिले। किसी को मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े। व्यापक पैमाने पर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये सभी विभागों को निर्देश दिया गया है। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया है। बाहर से आये बिहार के लोगों का स्किल सर्वे कराया जा रहा है।
केन्द्र सरकार द्वारा भी लोगों की विभिन्न रूप से मदद की जा रही है। केंद्र सरकार ने जन धन योजना अंतर्गत 500 रूपये की राशि खाताधारियों के खाते में अंतरित की है उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को तीन निःशुल्क गैस सिलिंडर (Gas cylinder) उपलब्ध कराये जा रहे हैं। राशन कार्डधारियों को 3 माह का खाद्यान्न जिसमे प्रतिमाह पांच किलोग्राम गेहूॅ/चावल और एक किलोग्राम दाल दिया जा रहा है। केन्द्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में 1,000 रूपये की राशि अंतरित की गयी है। स्वास्थ्यकर्मियों को 50 लाख रूपये का स्वास्थ्य (Health) बीमा कराया गया है।देश एक है, नागरिकता एक है यहां कोई प्रवासी नहीं है। समाज में विवाद नहीं हो,आपस में प्रेम,भाईचारा एवं सद्भाव का माहौल रहे। हम सब साथ मिलकर ऐसा माहौल बनायेंगे कि बिहार में कोई संकट उत्पन्न नहीं हो।

रिपोर्ट : धीरज गुप्ता