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गया : बिहार के बत्तीस जिले प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में हैं शामिल.. होगा एक देश एक राशनकार्ड

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गया : गया (Gaya) समाहरणालय सभाकक्ष में पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के लिए लाइव टेलीकास्ट (Live telecast) की व्यवस्था (arrangement) की गगयी है इस अवसर पर जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह (Abhishek Singh), जिला परिषद अध्यक्ष करुणा देवी, सहायक समाहर्ता के. एम. अशोक, भा. प्र. से. के परिक्ष्यमान पदाधिकारी सौरभ सुमन यादव, उप विकास आयुक्त किशोरी चौधरी, अपर समाहर्ता मनोज कुमार सहित तमाम पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थें।

इस योजना के शुभारंभ के पूर्व केंद्रीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा स्वागत (Welcome) भाषण किया गया तथा योजना के संबंध में जानकारी दी गयी है।
उसके उपरांत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) ने संबोधित करते हुए कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अन्य प्रदेशों से आये मजदूरों के लिए उनके घर पर ही रोजगार की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा उनके लिए रेल सेवा उपलब्ध कराई गयी है। वापस आने वाले 30 लाख लोगों के लिए बिहार सरकार ने कोरोनटाईन सेंटर (Coronatine center) की व्यवस्था की तथा उनकी सुविधा के लिए कई काम किए गए हैं । प्रधानमंत्री गरीब कल्याण Prime (Minister’s Poor Welfare) रोजगार योजना 6 राज्यों के 116 जिले में चलाया जाएगा, जिसमें बिहार के 38 जिलों में 32 जिलों का चयन किया गया है। वैसे जिलों का चयन किया गया है,जहां 25,000 से अधिक मजदूर वापस आए हैं। इस योजना में 25 तरह के कार्यो में 125 दिनों तक कार्य दिए जाएंगे, जिसमें केंद्र सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा वापस लौटने वाले मजदूरों को मनरेगा, सड़क निर्माण, जल-जीवन-हरियाली योजना, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना में रोजगार दिये जा रहै हैं। बिहार में 9.5 लाख जीविका समूह का गठन किया गया है, जिनसे एक करोड़ परिवार जुड़े हुए हैं। जीविका समूह में भी बाहर से आने वाले महिलाओं को जोड़ा गया है। सरकार द्वारा बाहर से आए हुए मजदूरों की स्किल के अनुसार हर संभव रोजगार देने के प्रयास किए जा रहे हैं प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना चलाने के लिए धन्यवाद दिया गया है।


इसके उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने खगड़िया जिला के बेलदौर प्रखंड के तेलिहार पंचायत के मुखिया से तथा विभिन्न राज्य से वापस आने वाले श्रमिकों से वार्ता की मुखिया जी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बिहार में 475 मजदूर वापस आए हैं जिनके लिए कोरेंटिन की व्यवस्था की गई थी एवं विभिन्न योजनाओं में यथासंभव रोजगार भी मुहैया कराई जा रही है। दिल्ली से लौटने वाली सीता कुमारी ने कहा कि वह मधुमक्खी पालन करने पर विचार कर रही है, हरियाणा से लौटने वाले राजमिस्त्री जनार्दन शर्मा ने बताया कि वह वहां टाइल्स, प्लास्टर का काम 12 वर्षो से मारुति कंपनी में कर रहे थे। अजमेर से लौटने वाले चंदन ने बताया कि वह टावर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। जीविका समूह की सुनीता ने बताया कि वह जीविका समूह के अंतर्गत बकरी पालन का कार्य करती हैं एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित रीता देवी ने बताता की पहले उनके पास झोपड़ी थी अब अपना आवास बन गया है। सिरसा हरियाणा से लौटे राजमिस्त्री हरेराम सिंह ने बताया कि वह सिरसा में राजमिस्त्री का काम करते थे।


इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना के अंतर्गत लौटने वाले श्रमिकों को उनके गांव में ही रोजगार की व्यवस्था की गई है तथा इससे दूसरी ओर गांवों में स्थाई परिसंपत्तियों का भी निर्माण होगा। तेलिहार पंचायत में 475 श्रमिकों का आगमन हुआ है तथा ये सभी अपने कुशलता का प्रयोग अपने गांव के विकास में करेंगे और कोरोना आपदा की चुनौती को अवसर में बदलने का महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे एवं कोरोना संकट के दौरान ग्रामीणों (villagers) द्वारा डटकर मुकाबला करने की सराहना की तथा उन्होंने सरजमीं पर काम करने वाले आंगनबाड़ी (Anganwadi) कार्यकर्ता,आशा, ग्राम प्रधान इत्यादि की प्रशंसा की है आपने जो काम किए हैं, इसके लिए आप प्रशंसा के हकदार हैं। श्रमेव जयते की भावना को देखते हुए इस योजना को लागू किया गया है और करोना महामारी के समय गांव में रहते हुए किसी से कर्ज लेना न पड़े, किसी के सामने हाथ फैलाना न पड़े इसलिए इस योजना की शुरूआत की गई है।आत्मनिर्भर भारत के तहत अब किसान फसल कहाँ बेचेगा यह सरकार तय नहीं करेंगी बल्कि वे खुद तय करेंगे और किसान अपनी उपज कहीं भी बेच सकती है,किसी भी कंपनी को सीधे दे सकते हैं और अपने फसल का स्टोरेज भी कर सकते हैं इससे उन्हें ज्यादा लाभ मिलेगा एवं अब एक देश एक राशन कार्ड होगा। एक ही राशन कार्ड से देश के किसी भी कोने में राशन ले सकते हैं। लॉकडाउन द्वारा 80 करोड़ गरीबों तक राशन व दाल पहुंचाई गयी है। उन्हें गैस सिलेंडर भी मुफ्त में दिए गए हैं और अंत में उन्होंने कहा कि काम पर जरूर निकले लेकिन जरूरी सावधानी भी बरतें एवं मास्क लगाना एवं 2 गज की दूरी का पालन करना न भूलें और यह हमारे जीवन एवं आजीविका दोनों के लिए जरूरी है।

रिपोर्ट : धीरज गुप्ता