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‘मास्क पहनिए, काम पर चलिए’ के नारे के साथ नए रूप में पटरी पर लौट रही जिंदगी

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जागरूकता वाहन कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों को कर रहे जागरूक

मास्क पहने या गमछा बांधे कार्यस्थल पर नजर आने लगे हैं ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर और कारीगर

सीतामढ़ी : जिले में जिस तत्परता से कोरोना की रोकथाम को लेकर समेकित प्रयास से काम किया गया, अब उसी तत्परता के साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है। ‘मास्क पहनिए, काम पर चलिए’ के नारे के साथ नए रूप में पटरी पर जिंदगी लौटती नजर आने लगी है। दिहाड़ी मजदूर, कारीगर मास्क पहनकर काम पर जाते नजर आने लगे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से कोरोना काल में कैसे सतर्कता के साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को तेज किया जाए, इसपर जोर दिया जा रहा है। कोविड के जिला नोडल अधिकारी डॉ. आरके यादव ने बताया कोरोना काल में सतर्कता ही सबसे बड़ा समाधान है, इसलिए समुदाय को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जिले के गांव-कस्बों में जागरूकता वाहन भेजे गए हैं। इसके द्वारा हाट, बाजारों, महत्वपूर्ण स्थानों आदि जगहों पर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

तीन मूल मंत्र, जिससे होगा कोरोना का अंत :
डॉ. यादव का कहना है जीवनयापन से जुड़ी गतिविधियों का रफ्तार पकड़ना जरूरी है, लेकिन इसके लिए तीन मूल मंत्र का हर किसी को पालन करना चाहिए। मास्क का नियमित उपयोग, नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोते रहना और 1-2 मीटर की शारीरिक दूरी का अनुपालन बहुत जरूरी है। डॉ. यादव ने कहा जिले में कोरोना दम तोड़ रहा है। रिकवरी दर 97 तक पहुंच चुका है, जोकि उत्साहवर्धक फीगर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम लापरवाह हो जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही काफी भारी पड़ेगी। कार्यस्थल पर पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है। समुदाय की जागरूकता ही कोरोना को मात दे सकती है।

पंचायतों में दिख रही जागरूकता :
सुरसंड प्रखंड की जिला पार्षद कामिनी झा का कहना है, गांव-कस्बों तक कोरोना के प्रति जागरूकता आई है। लॉकडाउन में ठप पड़ी आजीविका से जुड़ीं गतिविधियां अब रफ्तार पकड़ने लगी है। काम पर जाने वाले ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर, कारीगर मास्क पहने या गमछा बांधे दिख जाते हैं। कोरोना को लेकर इस तरह की सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है, क्योंकि जिले में कोरोना के मामले भले ही कम हुए हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना की। साथ ही समुदाय में इस तरह की नई तस्वीर गढ़ने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

नहीं करें अनदेखी, कोरोना से रहें ऐसे सतर्क:

व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.

 बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
 साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का
 इस्तेमाल करें.
 छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
 उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
 घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
 बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की
दूरी बनाए रखें.
आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
 मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
 कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
 बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

रिपोर्ट : अमित कुमार