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मुजफ्फरपुर : औराई के लोग मनुष्मरा नदी के काले पानी का दंश झेलने को हैं मजबूर.. हर साल सैकड़ों एकड़ फसल हो जाती है खराब

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काला पानी की सजा आप सभी ने सुनी होगी गुलाम भारत मे लोगो को दी जाती थी, लेकिन आज आजादी के बाद भी मुज़फ़्फ़रपुर जिले के कुछ इलाकों में लोगो को काले पानी की सजा मिलती है।

इस काले पानी से लोगो की जिंदगी मुहाल कर दि है।

मुज़फ़्फ़रपुर में 70 सालों से लोगों को मिल रही है काले पानी की सजा, हर साल होती है सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद

मुजफ्फरपुर : मनुषमरा नदी (Manushmara River) के काले पानी (Kale pani) लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है। वही इस गन्दे पानी से महामारी फैलने (Epidemic outbreak) का भी आशंका (Apprehension) है। मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले के औराई में एक बार फिर मनुषमारा नदी के पानी ने लोगों की जिंदगी पूरी तरह तबाह (Life completely destroyed) करना सुरु कर दी है। वही खेत में लगे सैकड़ों एकड़ फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. वहीं दूसरी तरफ लोगों को महामारी फैलने को लेकर  दहशत बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम लोग लगभग 70 वर्ष से इस मनुष्मारा महानदी के प्रकोप को पुरा गाव झेल रहा हैं। इस मनुष्य मारा नदी के पानी से अगर मवेशी एक माह पानी पी ले तो मर जाएगा, वही जिस खेतों में ये पानी प्रवेश करता है वह फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाती है यहां तक पानी के जलजमाव हो जाने से उसकी मिट्टी भी पूरी तरह से विश्वाक्त हो जाती है,इलाके में लखनदेइ और बागमती नदी के उफान से पहले यहां मनुषमारा महानदी का पानी इलाके में पहले तबाही मचाती है। स्थानीय लोगों के द्वारा कई बार मनुषमारा नदी के तटबंध और किसी नदी में संगम करवाने को लेकर स्थानीय लोग ने प्रशासन से मांग की लेकिन आज तक मनुषमरा नदी का विषाक्त पानी का किसी नदी के संगम नहीं करवाया गया

वहीं स्थानीय मुखिया प्रमोद पूर्वी का कहना है यहां लगभग 70 वर्ष से सीतामढ़ी (Sitamarhi) से चलकर काला पानी (Kala pani) काला पानी औराई के घरहरवा (Aurai’s home) में पहुंच कर सैकड़ों एकड़ में लगी फसल 9Fasal) को पूरी तरह से बर्बाद (Barbad) कर देती है। यह पानी इलाके में पहुंचने के बाद हर घर में बिमारी उत्पन्न हो जाती है, यहां तक मवेशी अगर या पानी को एक माह पी ले तो मरने के कगार पर पहुंच जाती है, यहां के लोगों को जितना बागमती और लखनदेई नदी से नुकसान नहीं पहुंचता उससे ज्यादा कही मनुषमारा नदी का पानी लोगों के बीच आफत खड़ा कर देती है, कई लोग पानी के वजह से पूरी तरह से गिर चुके हैं लेकिन प्रशासन के द्वारा कोई नाम की व्यवस्था नहीं करवाई गई है, ना ही यहां कोई मेडिकल टीम मौजूद है। हम लोग प्रशासन से मांग करते हैं मनुषमारा नदी के तटबंध को किसी नदी का संगम करवाया जाए जिससे इस पानी से लोग ग्रसित नहीं होंगे

वही स्थानीय संजय कुमार गुप्ता ने बताया जून-जुलाई से यहां मनुष्य मारा नदी का पानी इलाके में प्रवेश कर जाता है। उसके बाद जो भी फसल लगी रहती है वह बर्बाद होने लगती है। पूर्वजों के जमाने से हम लोग मनुषमरा नदी के पानी को देखते आ रहे हैं, इस इलाके में लगभग 1100 एकङ मे लोग खेती करते हैं। पानी प्रवेश करने के बाद पूरा फसल नष्ट हो जाता है। हम लोगों ने कई बार प्रशासन से तटबंध निर्माण करवाने और मनुष्य मारा नदी के पानी का संगम करवाने को लेकर मांग की लेकिन आज तक कोई तटबंध का निर्माण नहीं करवाया गया जबकि मुजफ्फरपुर में सबसे पहले इसी इलाके में बाढ़ दस्तक देती है और सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद हो जाती है।अगर तटबंध का निर्माण करवाकर मनुषमरा नदी के विषाक्त पानी का संगम लखनदेई और बागमती नदी से करवा दिया जाए तो यहां के लोग मनुषमरा नदी से होने वाली तबाही दूर हो जाएगी

रिपोर्ट : चंदन चौधरी