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नालंदा : भाई की पत्नी का ईलाज करवाना पड़ गया भारी, गवांनी पड़ी जान,छत से घर में घुसकर घटना को दिया अंजाम

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पत्नी का इलाज कराने पर भाई की हत्या …

* छत से घर में घुस घटना को दिया अंजाम
* छज्जे पर लाश लटकाकर आत्महत्या का रुप देने का प्रयास

नालंदा (बिहार) : (Nalanda) हरनौत (Harnaut) थाना क्षेत्र के गोगीपर स्थित जलमीनार के बगल में छत से घर में घुसकर अपराधियों ने 32 वर्षीय सत्येंद्र यादव उर्फ चवनियां की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रुप देने के लिये मृतक की लाश को छज्जे पर बांस के सहारे टांग दिया था। सुबह में जब देर तक सत्येंद्र घर से नहीं निकला। बाहर उसके जानवर भूखे-प्यासे खड़े थे। तब लोगों ने उसकी सुध ली। देखा तो कमरे में सत्येंद्र की लाश टंगी थी। घटना की सुचना मिलने पर पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेजा। घटना के पीछे सत्येंद्र के चचेरे भाई अवधेश यादव का हाथ बताया जा रहा है। इसे अंजाम देने में उसके साथ तीन-चार अन्य की संलिप्तता बताई जाती है। इसका कारण अवधेश यादव की पत्नी का इलाज करवाना बताया जाता है। थानाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि घटना के पीछे के हरेक पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। दोषी बख्शे नहीं जायेंगे।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार सत्यनारायण यादव के पुत्र अवधेश यादव शुरु से चरित्रहीन है। उसने पहले भी दो शादियां की थी। दोनों की संदेहास्पद मौत हो गई।
तीसरी को उसने झारखंड से लाया है। इसके अलावा वही की एक और महिला से उसके अनैतिक संबंध बताये जाते हैं। इसी का विरोध करने पर पिछले दो दिनों से उसका अपने और चचेरे भाई से विवाद चल रहा था। इसमें दोनों पक्षों में तनातनी भी हुई थी, जिसमें उसने भाईयों को जान मारने की धमकी भी दी थी। इसको लेकर घर-परिवार की महिलाओं में भी झगड़ा होता रहता था। इसी में अवधेश ने झारखंड से लाई कथित पत्नी को शुक्रवार को बेरहमी से पीटा। इससे वह गंभीर रुप से जख्मी हो गई। उसकी हालत देखकर सरल स्वभाव के सत्येंद्र ने उसका इलाज करवा दिया। इसी बात से अवधेश की सत्येंद्र से नाराजगी बढ़ी।
घटना को लेकर चर्चा के अनुसार शुक्रवार की देर रात अवधेश सत्येंद्र के घर के निकट बंधे बांस के सहारे उसकी छत पर चढ़ा। घर के अंदर से जाकर बाहर का दरवाजा खोला, जिससे उसके अन्य सहयोगी भीतर आये। इस तरह घटना को अंजाम देकर सभी फरार हो गये।
अहले सुबह अपने पालतू जानवरों को नाद पर लगाने वाले सत्येंद्र का देर तक पता नहीं था। इसकी सुध ली तो घटना का पता चला। मृतक छत के बगल कमरे में अकेले सोया था।

रिपोर्ट : गौरी शंकर प्रसाद