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नालंदा : रमजान में भी अपने फर्ज को बखूबी निभा रहे डीएसपी इमरान परवेज़.. सच्चे योद्धा की भांति कोरोना से जंग में दे रहे योगदान

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नालंदा : आज भारत मां पर बड़ा संकट आया है ऐसे वक्त में अपनी ड्यूटी करते हुए मुझे गर्व हो रहा है: इमरान परवेज़
रमज़ान का रोज़ा रखकर कोरोना के खिलाफ छिड़ी लड़ाई में शामिल
बच्चों और परिवार के साथ तो आगे समय बिताएंगे ही अभी फर्ज जरूरी है:DySP
कुमार प्रशांत/नालंदा:
आज दुनिया एक महामारी से युद्ध लड़ रही है। दुश्मन अंजान है लेकिन पीड़ित होने वाले और जान गंवाने वाले अपने।भारत में कोरोना वायरस संक्रमण, कोविड 19 की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से 22मार्च को “जनता कर्फ्यू” का पालन करने की अपील की।जिसमें लोगों ने खुद को घर में रखकर पीएम की अपील पर अमल किया। इसके बाद 25 मार्च से देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया गया है।

हवाई सेवा,रेल, आम परिवहन, शैक्षणिक संस्थान सहित सभी निजी गतिविधियों को बंद करने की घोषणा की गई। लॉकडाउन के दौरान डॉक्टर, चिकित्साकर्मी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी, मीडियाकर्मी सहित अन्य अतिआवश्यक कार्यों में लगे लोगों को काम से आने जाने की छूट दी गई। बाकी अन्य लोगों से अपने अपने घरों में रहने की अपील की गई है। इस संकट के समय में लोगों की सेवा में लगे लोगों को प्रधानमंत्री ने “कोरोना योद्धा” कहकर संबोधित किया।देश भर में जनता कर्फ्यू के दिन ताली, थाली बजाकर ऐसे योद्धाओं का धन्यवाद किया गया। फिर एक बार 5 अप्रैल को दिया जलाकर ऐसे योद्धाओं के हौसले को बुलंद करने की बात हुई और लोगों ने स्‍वेच्‍छा से दीया तथा अन्य तरीकों से रौशनी कर अपना आभार प्रकट किया। लॉकडाउन के दौरान जो लोग अपने गणतव्य से कहीं दूसरी जगह अटक गये हैं उनसे उसी जगह रुकने की बात कही जा रही है ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।

जहाँ एक अभूतपूर्व तालाबंदी ने समाज में कहर मचा दिया है लेकिन कोरोना से बचाव के लिए यह कदम अनिवार्य भी है । गरीबों के लिए यह एक बड़ी समस्या बन गयी है। खासकर, मजदूर, रिक्शा चालक, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए रहने और कुछ भी कमाने के लिए नहीं रह गया है ।कोरोना वायरस के लिए जरूरी लॉकडाउन ने देश भर में लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है,उनमें से ज्यादातर गरीबी रेखा से नीचे के लोग है।
देशभर में परेशान लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र के अलावा कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी पहल की है। नालंदा जिले के बिहारशरीफ मुख्यालय सहित जिला के सभी प्रखंड स्तरीय व कस्बाई बाजारों से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी लॉकडाउन ऐतिहासिक रूप से प्रभावी होता दिख रहा है ।

नालंदा जिला के बिहारशरीफ के सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर, SDPO, सदर इमरान परवेज़ ने अब कोरोना से लड़ाई में प्रशासनिक मोर्चा को और सख्त कर दिया है। हालांकि अब आम आदमी भी धीरे-धीरे मामले की गंभीरता को समझ रहा है। डीएसपी इमरान के कार्यक्षेत्र में कुल मिलाकर 22 थाना आता है। सुबह से देर शाम तक लगातार कोरोना से जारी जंग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।डीएसपी इमरान इस विपदा की घड़ी में गरीबों और असहाय लोगों को राशन और भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार पहल कर रहे हैं।इलाके के लोग श्री परवेज़ की कार्यकुशलता से काफी प्रभावित हैं और इस महामारी के समय में उनलोगों के बीच प्रशासन की ओर से सुरक्षा, मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उनका आभार प्रकट कर रहे हैं। डीएसपी साहब समय समय पर इलाके में लोगों के बीच कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण, इसके उपचार और बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं।

इमरान परवेज़ का कहना है कि कोरोना वायरस का मुकाबला देश में हर स्तर पर किया जा रहा है। लेकिन उन्होंने निजी तौर पर इसे एक बड़े चैलेंज के रूप में स्वीकार किया है।इमरान के घर पर छोटे बच्चे भी हैं लेकिन अपने आप को को कोरोना से बचाते हुए भी में वह अपने कर्तव्य का पालन करने में दिन रात लगे हुए हैं । लेकिन कोविड 19 को लेकर हुई सख्त ड्यूटी में अपने इलाके के लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी निर्देशों का अनुपालन करने में ही उन्हें सुबह से रात हो जाती है। इस कठिन समय में वह दोपहर को भी चिलचिलाती धूप में सड़कों और गलियों में घूम घूम कर लोगों को सुरक्षा पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस दौरान वे अपने कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग को फौलो करने के लिए निर्देशित भी करते हुए दिख जाते हैं। आज कल क्षेत्र में लोगों को ज्यादा महत्व देने की वजह से वह पिछले कई दिनों से अपने परिवार को बिल्कुल समय नहीं दे पा रहे हैं। लेकिन डीएसपी इमरान परवेज़ को इस बात का मलाल नहीं है वह कहते हैं कि घर वालों और बच्चों को आगे समय दे ही देंगे आज भारत मां पर बड़ा संकट आया है और ऐसे वक्त में अपनी ड्यूटी करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है।लॉकडाउन से पहले भी इमरान परवेज़ कर्तव्य के प्रति हमेशा तत्परता से अपना फर्ज पूरा करने के लिए लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है और जिला स्तर पर अनुशासन वाले अधिकारियों में शुमार किए जाते हैं।

उन्‍होंने बताया कि लॉकडाउन का इलाके में अच्छा असर दिख रहा है । इसके लिए जगह जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। सड़कों पर अनाधिकृत व गैर जरूरी लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध को कड़ाई से पालन किया जा रहा है। आम लोगों का भी इसमें सहयोग मिल रहा है।

                                 रिपोर्ट : साकिब ज़िया