Wed. Apr 14th, 2021

Real4news

Latest and Breaking News in Hindi, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी – Real4news.com

नालंदा : सात दिवसीय महामृत्युंजय यज्ञ की हुई शुरुआत, शिव सवांरते हैं भाग्य

1 min read

-कर्म से बनता भाग्य, भाग्य संवारते हैं महादेव

* चेरन गांव के शिव मंदिर में सात दिवसीय महामृत्युंजय यज्ञ शुरू

नालंदा (बिहार) हरनौत : (Nalanda) मनुष्य कर्मभोगी है। किसी काम को करने के साथ उसके फल की चिंता सताने लगती है। आज मानव जाति की सबसे बड़ी पीड़ा यही है। कुछ लोग अच्छे कर्म करते हैं। पर मामूली विषम परिस्थिति से घबराकर उसका दोष अपने भाग्य को देकर गलत काम की ओर मुड़ जाते हैं। ऐसे लोगों के लिये महामृत्युंजय यज्ञ रामबाण है। क्योंकि कर्म से भाग्य बनता है और उसे संवारने का काम महादेव करते हैं। ये बातें गया से आये आचार्य श्री आदित्य नारायण पांडेय ने चेरन गांव में कही। वहां शिव मंदिर में सात दिवसीय महामृत्युंजय यज्ञ की शुरुआत की गई है।


श्री आदित्य नारायण पांडेय ने कहा कि पहले ऋषि और रिसर्चर में समानता है। वे कहते थे कि पीपल के हर पत्ते पर ईश्वर का वास होता है। रिसर्चर ने सिद्ध किया कि पीपल ऐसे पेड़ों में शामिल है जो 24 घंटे जीवित प्राणियों की प्राणवायु ऑक्सीजन (Oxygen) मुक्त करता है। इसी तरह तुलसी का पौधा है। धार्मिक भावना को लेकर लोग इन पेड़ों को नहीं काटते हैं। इससे वातावरण को शुद्ध रखने वाले इन पेड़ों की सुरक्षा भी होती है।
इसी तरह पश्चिमी सभ्यता में लोगों का मानना है कि सुखे मेवे, घी आदि खाने से शरीर का पोषण होता है।
हमारी भारतीय संस्कृति में उन्हें हवन कुंड में प्रज्ज्वलित किया जाता है। कहते हैं कि खाने से किसी एक व्यक्ति का पोषण होता है। जबकि, उसके जलने से हवा के माध्यम से उसका लाभ सभी को मिलता है। वह अमीर-गरीब नहीं देखता है। सार यह है कि जन्म और मृत्यु संसार का नियम है। इस दौरान बीमारी, दुर्घटना व अन्य कारणों से जो नुकसान हमें होती है। महामृत्युंजय यज्ञ से उसकी पीड़ा कम की जा सकती है।
यज्ञ के आयोजन में सुमित कुमार, अभिषेक कुमार, मनमीत कुमार, आशुतोष सक्रिय भूमिका में हैं।

रिपोर्ट : गौरी शंकर प्रसाद