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नालंदा : ग्रामीणों को डराने लगा है फसल डुबने का खतरा… आश्वासन के बाद भी नहीं बना पुल

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-आश्वासन के बाद भी नहीं बना पुल

* डूबेगा रामपुर महाल
* हरनौत के महवाचक से चिंतावनचक सड़क पुल का मामला

नालंदा (बिहार) : हरनौत (Harnaut) प्रखंड की गोनावां और बसनियावां पंचायत को जोड़ने वाले रामपुर महाल पर इस बार भी कृत्रिम बाढ़ का खतरा है। पिछले वर्ष महाल के करीब एक हजार बीघा के रकवे में लगी धान की फसल जलजमाव के चलते नुकसान में गई थी। इसको लेकर ग्रामीणों ने सड़क के कालीकरण का काम रुकवा दिया था। इसके बाद स्थानीय अफसरों की पहल से नया पुल बनाने की बात पर कालीकरण करने दिया गया था।
हर्षवर्द्धन, कमलकांत, कौशलेंद्र, रजनीश, सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सात वर्ष पहले यहां मामूली अलंग था। तीन वर्ष पहले जमींदारी बांध बना। उस समय बना पुल ठीक था। जरुरत पड़ने पर पानी लिया और निकाला जा सकता था।
इसके बाद बांध पर महवाचक से चिंतावनचक तक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली। इस दौरान पुल में जोड़-तोड़ करके नया तो बनाया नहीं, उल्टे निकास को ऊंचा कर देने से महाल से पानी निकास बंद हो गया। इस वजह से पिछले वर्ष खंधे में जलजमाव से काफी फसल का नुकसान हुआ था। महाल में दोनों पंचायतों के अमैत्रा, रामपुर, महवाचक, चिंतावनचक, शाहपुर, दक्षिणीपुर समेत कुछ अन्य गांवों के खंधे हैं। ये साढ़े सात सौ बीघे और 317 बीघे में बंटे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचाने में अधिक पानी आने पर महाल होते पानी दक्षिणीपुर के निकट पुल से निकल मुहाने में मिल जाता था। पर, वर्तमान स्थिति में निकास ऊंचा होने से फिर कृत्रिम बाढ़ की नौबत आने वाली है।
सड़क का कालीकरण करके संवेदक ने अपना काम निकाल लिया। पर, हमें समस्या से निजात नहीं मिली है।

रिपोर्ट : गौरी शंकर प्रसाद