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पटना : मुख्यमंत्री ने घोषित आर्थिक पैकेज पर किया विचार विमर्श.. आनलाइन एजुकेशन प्रणाली के विस्तार पर बल देने की कही बात

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पटना 19 मई 2020 : मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज पर वित्त विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, श्रम संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग तथा खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ विचार-विमर्श किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 5 चरणों में आत्मनिर्भर के लिए 20 लाख करोड़ के पैकेज के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के लिए घोषणाएं की गई हैं। इस परिपेक्ष्य में इन विभागों द्वारा अपनी-अपनी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी गई।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर0के0 महाजन ने शिक्षा के संबंध में की गई घोषणाओं पी0एम0 ई-विद्या (डिजिटल/ऑनलाइन शिक्षा), मनोदर्पण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बुनियादी साक्षरता और गणना मिशन दिसंबर 2020 तक सुनिश्चित करने जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा ऑनलाइन शिक्षा के लिए पहले से किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्नयन बिहार, मेरा मोबाइल-मेरा विद्यालय एप्प के माध्यम से लगभग 6 लाख बच्चे ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठा रहे हैं। कक्षा 01 से 05 के विद्यार्थियों के लिए ई-कन्टेंट विकसित किया जा रहा है। पाठ्य पुस्तकों को डिजिटल स्वरुप प्रदान किया जा रहा है। कक्षा 06 से 12 के बच्चों को ई-कन्टेंट के माध्यम से प्रतिदिन डी0डी0 बिहार पर प्रसारित कर शिक्षित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार ने जानकारी देते हुये बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए कार्य कर रहे बिहार के डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी तथा इस सेवा से जुड़े स्वास्थ्य क्षेत्र के लगभग 60 हजार व्यक्तियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जीवन बीमा का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा घोषित योजना से दवाईयों, पी0पी0ई0 किट्स, मास्क एवं अन्य चिकित्सकीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ-साथ, हर जिले में इन्फेक्सस डिजिज हॉस्पीटल का निर्माण तथा जिले एवं प्रखंड में पब्लिक हेल्थ लैब बनाने में मदद मिलेगा।
नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री आनंद किशोर ने पी0एम0 आवास योजना (शहरी-भागीदारी में किफायती आवास घटक के तहत लाभ), स्ट्रीट वेंडर को तरलता की उपलब्धता एवं अन्य बिंदुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।
श्रम संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुधीर कुमार ने श्रम कानून में सुधार, ई0पी0एफ0 में संशोधन एवं अन्य बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने टैरिफ पॉलिसी रिफॉर्म्स, पॉवर सेक्टर रिफॉर्म्स एवं अन्य बिंदुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।
सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री पंकज कुमार पाल ने वन नेशन वन राशनकार्ड के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।
विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन प्रणाली के विस्तार पर और बल देने की जरूरत है। छात्र/छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के तहत भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। ऐसी व्यवस्था करें कि ऑनलाइन माध्यम से दी जा रही शिक्षा से ज्यादा से ज्यादा संख्या में छात्र/छात्रायें इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि कक्षावार तैयार किये गये ई-कन्टेंट को टेलीविजन के माध्यम से दिखायें। डी0डी0 बिहार के माध्यम से कक्षावार दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा के टाइम स्लाॅट को बढ़ाने के लिये डी0डी0 बिहार से समन्वय स्थापित कर अग्रेतर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अपने स्तर से भी छात्र/छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा देने के संदर्भ में समुचित कार्रवाई करें। कक्षा 06 से 12 की तरह कक्षा 01 से 05 के लिये भी ई-कन्टेंट विकसित किया जाय। विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम की किताबों को डिजिटाइज करें तथा उसे वेबसाईट पर उपलब्ध करा दें, इससे छात्र/छात्राओं को पढाई में लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बचे हुये सुयोग्य परिवारों का हर हाल में राशन कार्ड शीघ्र बनाया जाय। सभी राशन कार्डों को आधार से लिंक करना सुनिश्चित करें। इससे लोगों को वन नेशन वन कार्ड योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रखण्डों में आधार केन्द्र को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुये खोला जाय साथ ही आधार केन्द्रों की स्थायी व्यवस्था की जाय। वर्तमान में 27 जिलों में डी0आर0सी0सी0 से ऑनलाइन आधार केन्द्रों की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। शेष जिलों में भी डी0आर0सी0सी0 में ऑनलाइन आधार केन्द्र की सुविधा उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि तत्काल 10 वर्ष से 65 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों का अगर आधार कार्ड नहीं है तो उसे बनवाया जा सकता है। क्वारंटाइन सेंटरों पर रह रहे प्रवासी श्रमिकों का अगर आधार कार्ड नहीं बना है तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुये उनका भी आधार कार्ड बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज आॅफ डूइंग बिजनेस के विभिन्न बिन्दुओं पर समुचित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों द्वारा अतिरिक्त समयावधि में किये गये कार्योंं के एवज में देय पारिश्रमिक के संबंध में श्रम संसाधन विभाग स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों के लिये किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम) के तहत सस्ते मकान बनाने के संदर्भ में काफी समय से दिशा-निर्देश दिये जा रहे हैं। इस संदर्भ में शहरी विकास एवं आवास विभाग ठोस कार्रवाई करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में काफी संख्या में स्ट्रीट वेंडर हैं। सभी स्ट्रीट वेंडरों का व्यवस्थित रूप से सर्वे करायें ताकि कोई छूटे नहीं और उन्हें भी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में रिफाॅर्म करने जा रही है। बिहार में ऊर्जा के क्षेत्र में पहले से ही काफी नई पहल एवं सुधारात्मक प्रयोग किये गये हैं। केन्द्र सरकार अब बिहार के इस माॅडल को अपना रही है, यह अच्छी बात है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय, मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा मंत्री श्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री मदन सहनी, श्रम संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, अपर मुख्य सचिव श्रम संसाधन श्री सुधीर कुमार, अपर मुख्य सचिव शिक्षा श्री आर0के0 महाजन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य श्री संजय कुमार, प्रधान सचिव वित्त श्री एस0 सिद्धार्थ, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास श्री अरविंद कुमार चैधरी एवं सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री पंकज कुमार पाल जुड़े थे।

रिपोर्ट : राजू राज