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पटना : रेलवे ने किराया वापसी के नियम में दी छूट.. स्पेशल ट्रेनों के यात्रियों को भी मिलेगी सहूलियत

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पटना : कोविड-19 के प्रसार को देखते हुए भारतीय रेल द्वारा यात्रियों के व्यापक स्वास्थ्य हित को देखते हुए दिनांक 22.03.2020 से रद्द सभी ट्रेनों को 30.06.2020 अथवा अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है । रद्द किए गए ट्रेनों के लिए ई-टिकट एवं काउण्टर से प्राप्त किये गये आरक्षित टिकट बुक करा चुके सभी यात्रियों को फुल रिफंड सुनिश्चित करने के लिए टिकट वापसी नियमों (Refund rule) में रियायत दी गयी है ।

स्पेशल ट्रेनों के यात्रियों को मिली सहुलित

12 मई से बहाल स्पेशल ट्रेन के लिए बुक किए टिकट को गाड़ी खुलने के 24 घंटे के अंदर रद्द करने पर 50 प्रतिशत राशि जबकि इसके बाद की अवधि के लिए किसी प्रकार के किराया वापसी का प्रावधान नहीं था । रेलवे द्वारा यात्री हित में कदम उठाते हुए इन नियमों में बदलाव किया गया है तथा सामान्य किराया वापसी नियम लागू की गई है । अर्थात अब अगर कोई भी यात्री अपना कंफर्म टिकट रद्द करवाते हैं तो उन्हें सामान्य नियमों के तहत् किराया वापसी की जाएगी । सामान्य किराया वापसी नियम दिनांक 22.05.2020 को अथवा इसके पश्चात् चलने वाली ट्रेनों के लिए बुक कराए गए टिकट पर लागू होगा ।

यात्री हित में किराया वापसी नियमों में बदलाव:

भारतीय रेलवे द्वारा पीआरएस काउंटर वाले टिकटों के रिफंड नियमों में छूट प्रदान की गई है । सभी नियम ई-टिकट के लिए भी समान रूप से लागू हैं । दिनांक 21 मार्च, 2020 से ट्रेन सेवा की पुनर्बहाली तक की यात्राओं के लिए बुक किए (पीआरएस काउंटर एवं ई-टिकट) टिकट के रिफंड के लिए विशेष रिफंड रूल निम्नानुसार लागू होंगे:


पीआरएस काउंटर द्वारा जारी टिकट: पीआरएस काउंटर द्वारा जारी टिकट यात्रा तिथि से अगले 06 माह तक किसी भी पीआरएस काउंटर पर रद्द कराया जा सकता है ।

ई-टिकट : ई-टिकट के मामलों में रिफंड ;।नजव तमनिदकद्ध स्वतः हो जाएगा ।

वैसी ट्रेनें जो रद्द नहीं की गई थीं परंतु यात्रा को इच्छुक नहीं :

ऐसे मामलों में पीआरएस काउंटर द्वारा जारी टिकट एवं ई-टिकट के निरस्तीकरण पर पूर्ण किराया वापस किया जाएगा । यदि रेल प्रशासन द्वारा गाड़ी निरस्त नहीं की गयी है परन्तु यात्री टिकट निरस्त कराना चाहते हैं तो काउण्टर से बनाये गये टिकट पर टिकट डिपाजिट रिसीट (टी.डी.आर.) यात्रा की तिथि से 06 माह के अंदर स्टेशन पर बनवाया जा सकेगा। इसके बाद किराया वापसी के लिए 60 दिनों के अंदर मुख्य दावा अधिकारी (रिफंड) {Chief Claims Officer/CCM Refund’s} के समक्ष टीडीआर जमा किया जा सकता है । ई-टिकट के लिए आन लाइन निरस्तीकरण एवं रिफण्ड की सुविधा उपलब्ध है।

आईआरसीटीसी के वेबसाईट तथा 139 द्वारा टिकटों का निरस्तीकरण :

पीआरएस काउंटर द्वारा प्राप्त किए गए टिकट को 139 के माध्यम से अथवा आईआरसीटीसी की वेबसाईट पर जाकर भी रद्द किया जा सकता है । इसके बाद आवश्यक सूचना उपलब्ध कराते हुए 06 माह के भीतर किसी भी पीआरएस काउंटर से रिफण्ड प्राप्त कर सकते हैं । ई-टिकट के मामलों में निरस्तीकरण की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है ।

21 मार्च, 2020 से यात्रा के लिए टिकट बुक करा चुके वैसे यात्री जिन्होंने अपना टिकट रद्द तो कर दिया है परंतु फुल रिफंड प्राप्त नहीं हो पाया है । एक विशेष व्यवस्था के तहत् ऐसे मामलों में रियायत देते हुए कैंसिलेशन चार्ज के रूप में कटौती की गई शेष राशि वापस की जाएगी । पीआरएस काउंटर द्वारा जारी टिकट के मामलों में रेलवे द्वारा निर्धारित फार्म में मांगी गई सभी सूचनाएं भरकर इसे मुख्य दावा अधिकारी (रिफंड) {Chief Claims Officer/CCM Refund’s} अथवा मुख्य वाणिज्य प्रबंधक/रिफंड के समक्ष प्रस्तुत करना होगा । ई-टिकट के मामलों में शेष राशि यात्री के बैंक खाता में भेजे जाएंगे ।

स्क्रीनिंग के बाद यात्रा की अनुमति न दिए जाने वाले यात्रियों को फुल रिफंड :

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार वर्तमान में ट्रेन से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की ट्रेन खुलने के पूर्व स्क्रीनिंग की जा रही है । स्क्रीनिंग के दौरान काफी अधिक बुखार अथवा कोविड-19 के लक्षण दिखने पर यात्रा की अनुमति नहीं होगी । ऐसे विशेष मामलों में यात्रियों को पूर्ण किराया वापसी की व्यव्स्था की गई है चाहे वह अकेले यात्रा कर रहे हों अथवा समूह के साथ ।

अकेले यात्रा करने की स्थिति में तो पूर्ण किराया वापसी होगी ही साथ ही अगर उस पीएनआर पर अन्य यात्री भी यात्रा कर रहे हों और वे यात्रा को इच्छुक नहीं हैं, तो कोविड-19 के संदिग्ध यात्री के साथ-साथ उनके सहयात्री का भी पूर्ण किराया वापसी का प्रावधान किया गया है । ऐसे मामले में ड्यूटी पर उपस्थित टीटीई द्वारा यात्रा न करने (कारण सहित) का प्रमाणपत्र लिया जाना चाहिए । इसके पश्चात् किराया वापसी के लिए ऑनलाइन टीडीआर दाखिल करना होगा । पूर्ण किराया वापसी के लिए यात्रा तिथि के 10 दिनों के अंदर टीटीई द्वारा जारी प्रमाणपत्र की मूल प्रति आईआरसीटीसी को भेजना अनिवार्य है ।

भारतीय रेल पर दिनांक 12.11.2015 से लागू संशोधित सामान्य टिकट वापसी नियमावली :

अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे पहले तक आरक्षित टिकट रद्द करवाया जाता है तो, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी और एक्जीक्यूटिव श्रेणी के लिए 240 रूपए, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी/फर्स्ट क्लास के लिए 200 रूपए, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी/एसी चेयरकार के लिए 180 रूपए देने होते हैं जबकि शयनयान श्रेणी के लिए प्रति यात्री 120 रूपए की कटौती की जाती है । इसी तरह ट्रेन खुलने से 48 घंटे से 12 घंटे पूर्व तक टिकट रद्द करवाने पर टिकट मूल्य का 25 प्रतिशत तथा 12 घंटे से 04 घंटे पूर्व तक के लिए 50 प्रतिशत की कटौती की जाती है ।

रिपोर्ट : साकिब ज़िया