Wed. Apr 14th, 2021

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समाज में जागरूकता दूत बनकर जा रहे कोरोना को मात देने वाले लोग

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– डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर से डिस्चार्ज होने के दौरान लोगों को दिलाई जाती है शपथ

– Oath administered to people during discharge from Dedicated Covid Health Center

– कोरोना के प्रति भ्रांतियां मिटाने और तंबाकू से दूर रहने के लिए समाज को करेंगे प्रेरित

– To eradicate misconceptions about Corona and abstain from tobacco, will motivate society

सीतामढ़ी।

जिले का डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर कोरोना को मात देने की लड़ाई में एक साथ कई संकल्प साध रहा है। यहां से ठीक होकर अपने घर लौटने वाले लोगों को जागरुकता दूत के रूप में समाज में भेजा जा रहा है।

डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर के इंचार्ज डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि जो भी मरीज यहां से ठीक होकर जा रहे हैं, उन्हें सबसे पहले तो यह बताया जा रहा है कि समुदाय के बीच में वह यह संदेश दें कि न तो कोरोना से डरने की जरूरत है और ना ही छिपाने की। जिस तरह वे कोरोना को मात दिए हैं, उसी तरह दूसरे लोग भी इसको मात दे सकते हैं। समाज में भ्रांतियां फैलने से रोकने में उनसे अहम भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है।
डॉ सिन्हा ने बताया कि डिस्चार्ज होने वाले लोगों को तम्बाकू से दूर रहने और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की भी शपथ दिलाई जाती है। तम्बाकू भी कोरोना संक्रमण की वजह है। तम्बाकू चबाकर यत्र-तत्र थूकने से कोरोना संक्रमण और फैल सकता है, इसलिए डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर से ठीक होकर जाने वाले लोग समाज में इसके प्रति भी जागरूकता फैलाएं।

मजबूत इच्छाशक्ति से हार रहा कोरोना : (Corona losing with strong will)

डॉ सिन्हा ने बताया कि छह महीने से उनकी पूरी टीम डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर पर कोरोना मरीजों का इलाज कर रही है। 431 लोग कोरोना को मात देकर जागरूकता दूत बनकर घर लौट चुके हैं। इन मरीजों के इलाज में जो चीज सबसे ज्यादा मददगार बनी, वह थी इनकी मजबूत इच्छाशक्ति। डॉक्टर भी सेंटर पर आने वाले मरीजों के मन से सबसे पहले कोरोना का डर निकालते थे। यह भी दवा की तरह असर दिखाता है। डॉ सिन्हा बताते हैं कि सेंटर पर चार अति गंभीर मधुमेह से ग्रस्त मरीज कोरोना से तो ठीक हुए ही, उनका ब्लड शुगर भी नियंत्रित कर दिया गया। डॉ सिन्हा के अनुसार अभी मात्र 25 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें अब कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। उम्मीद है फॉलोअप के बाद ये सभी लोग ठीक होकर घर लौट जाएंगे।

तीन मूल मंत्र का संदेश देने की अपील : (Appeal to give message of three basic mantras)

डॉ सिन्हा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचे रहने के लिए तीन मूल मंत्र का हर किसी को पालन करना चाहिए। मास्क का नियमित उपयोग, नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोते रहना और दो गज की शारीरिक दूरी का अनुपालन बहुत जरूरी है। डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर से ठीक होकर घर लौटने वाले लोगों को भी ये सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि समुदाय में कोरोना से ठीक हुए मरीजों को जागरुकता दूत के रूप में सम्मान मिलना चाहिए। कोरोना से ठीक हुए लोगों के प्लाज्मा से दूसरों को भी जीवन मिल सकता है। इसलिए इनका सम्मान समुदाय में पहले से भी ज्यादा होना चाहिए।