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सीतामढ़ी : चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी.. उपकरण और दवाईयां की है पुरी व्यवस्था

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सीतामढ़ी 15 अप्रैल : मौसम में तेजी से आ रहे बदलाव के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ चुकी है। विभाग ने प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीयों को सजग रहने तथा 24 घंटे अलर्ट रहकर मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश जारी किया है। इसके अलावा सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, आरएचओ, और सुपरवाइजरों सहित डॉक्टरों की टीम गठित कर चमकी के रोकथाम के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

वेक्टर बार्न रोग रोकथाम पदाधिकारी डाॅ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया हाल ही में चमकी प्रभावित गांव मदारीपुर जो कि बजपट्टी पीएचसी के अंदर आता है। वहां फाॅगिंग करा लिया गया है। वहीं ग्रामीण अंचलों में समय-समय पर फॉगिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीयों को चमकी पर प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। वहीं ब्लाॅक लेवल पर भी सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए सभाएं की जा रही हैं। शहर तथा सदर सहित प्रत्येक पीएचसी में होािर्डंग और बैनर लगा दिये गये हैं। वहीं आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से हैंड बिल भी बटवाये जा रहे हैं।

हरेक पीएचसी में एबुंलेंस की व्यवस्था:

जिले में कुल 17 प्रखंडों में एईएस के लिए कुल 28 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रत्येक पीएचसी में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा जीविका के द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है। सभी आशा को ओआरएस का घोल भी उपलब्ध करा दिया गया है।

गाइडलाइन के अनुसार इलाज:

डाॅ आरके यादव ने बताया प्रत्येक पीएचसी को यह हिदायत दी गयी है कि वह अपनी मर्जी से चमकी के मरीजों का उपचार न करें। इसके लिए विभाग के द्वारा एक गाइडलाइन जारी की गयी है, जिसमें पहले मरीज को आरएल का स्लाइन चढ़ाना है। फिर तुरंत ही उसका ग्लूकोज लेवल मापना हैं। अगर ग्लूकोज़ कम रहे तो ग्लूकोज भी चढ़ाना है। साथ ही डाॅ यादव ने अभिभावकों से भी अपील की कि जब बच्चे में चमकी के लक्षण दिखे तो उसे किसी प्रकार की दवा न दें। बच्चे को हमेशा दाएं या बाएं करवट ही लिटाएं या एम्बुलेंस में ले जाएं। छोटे बच्चों को खाली पेट कभी न सोने दें। अगर बच्चा खाली पेट सो रहा है तो उसे ओआरएस का घोल दें। बच्चों को धूप में नहीं निकलने दें।

लक्षणः अचानक तेज बुखार आना, मुंह से झाग आना, सुस्ती
क्या करेंः चीनी और नमक का घोल तुरंत दें। ओआरएस दें, साथ ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं। मुफ्त एबुंलेंस सेवा के लिए 102 डायल करें।
क्या न करेंः ओझा गुणी के पास न ले जाएं। झाड़ फूंक न कराएं। अस्पताल लेकर जाने में देरी न करें। झोला छाप डाक्टर के पास बिल्कुल न जाएं।

रिपोर्ट : अमित कुमार