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सीतामढ़ी : राष्ट्रीय डेंगू दिवस… सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जाएगी जागरुकता.. मच्छरदानी का प्रयोग है सबसे बेहतर उपाय

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सीतामढ़ी 15 मई : कोविड 19 के संक्रमण के दौर में डेंगू जैसे रोगों के विरुद्ध प्रचार हो, लोग जागरुक रहे। इस उद्देश्य से मुख्य मलेरिया कार्यालय के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से आमजन को डेंगू से बचाव एवं सामान्य सावधानियों के प्रति जागरुक किया जाय। इस संबंध में जिले के भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि पत्र के माध्यम से प्रत्येक पीएचसी को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने आशा, और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच डेंगू के कारण, लक्षण एवं बचाव संबधी जागरुकता फैलाएं। 16 मई को राष्ट्रीय तौर पर डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम भी डेंगू से बचाव को लेकर ही इफेक्टिव काॅम्युनिटी इंगेजमेंट: की टू डेंगू कंट्रोल रखी गयी है। मानसून का आगमन अगले ही माह होता है इस लिहाज से इसके प्रति जागरुकता फैलाना आवश्यक हो जाता है।

10 से 20 एमएल पानी में पनप सकते हैं डेंगू के लार्वा
डेंगू का वाहक एडीज मच्छर है। यह हमेशा ही साफ पानी में पनपता है और यह पानी हमारे आस-पास अनजाने में ही जमा हो जाते हैं। 10 से 20 एमएल के पानी में भी इसके लार्वा पनप सकते हैं। इसके होने से शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। जिससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता का काफी ह्रास होता है। इस बीमारी के लक्षणों को पनपने में 3 से 9 दिन का समय लगता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, हड्डीयों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकते उभर आना है। इसके अत्यधिक प्रभाव से आंतो से खून का स्राव भी होने लगता है।

कैसे हो डेंगू से बचाव

डेंगू से बचाव के लिए अभी तक किसी टीके का अविष्कार नहीं किया गया हैं। ऐसे में सावधानी ही इसका बचाव है। हमें अपने आस-पास किसी तरह के पानी का जमाव नहीं होने देना होगा। अपने घर के अंदर और बाहर किसी भी टूटे फूटे सामानों में पानी जमा नहीं रखना है। अगर आपके आस-पास के जगहों पर पानी जमा हो गया है तो उसमें एक चम्मच किरोसीन तेल डाल दें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग करें। मच्छरदानी का प्रयोग इससे बचाव का बेहतरीन और सरल उपाय है। इनके रोगियों को पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए। तरल पदार्थों का सेवन भी बहुत फायदेमंद रहता है। अगर डेंगू के लक्षण दिखें तो खुद ईलाज न कर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
दर्द की दवा बिल्कुल न लें

डाॅ रविन्द्र कहते हैं इस बीमारी में शरीर और हड्डियों मे काफी दर्द होता है। अतः हमे ब्रुफेन और दर्दनाशक दवाईयों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अगर बुखार है तो चिकित्सकीय परामर्श लेकर पारासीटामोल का सेवन कर सकते हैं।

रिपोर्ट : अमित कुमार