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सुरक्षित परिवार नियोजन की व्यवस्था से कोरोना काल में भी नहीं थमा अभियान का पहिया

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 जिले में परिवार नियोजन को लेकर समुदाय में आई है व्यापक जागरूकता
– पिछले साल सीतामढ़ी जिला पुरुष नसबंदी के मामले में देश था अव्वल

सीतामढ़ी: कोरोना काल में भी जिले में परिवार नियोजन अभियान का पहिया रुका नहीं। जागरूकता मुहिम से लेकर ऑपरेशन तक का कार्यक्रम जारी है। परिवार नियोजन कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि इस साल अब तक अकेले उन्होंने 2500 ऑपरेशन का आंकड़ा पार कर लिया है। पिछले साल पहली जनवरी से 31 दिसंबर तक उन्होंने 3129 ऑपरेशन किए थे। डॉ सिन्हा के मुताबिक जिले में परिवार नियोजन को लेकर समुदाय में जागरूकता आई है। बताया कि देश में पुरुषों द्वारा गर्भनिरोधक साधनों के प्रयोग के आंकड़े जहां काफी निराशाजनक हैं, वहीं पिछले साल सीतामढ़ी जिला पुरूष नसबंदी के मामले में देश भर में अव्वल था। निरंतर प्रयासों से जब समुदाय में भ्रम, भ्रांतियां, सामाजिक पाबंदी और अंधविश्वास के अंधेरे छंटने शुरू हुए तो नित प्रतिदिन उत्साहजनक आंकड़े आने लगे।

सुरक्षित व्यवस्था से परिवार नियोजन की गति नहीं हुई धीमी :
परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ. सिन्हा का कहना है कि कोरोना काल में हर पीएचसी पर सुरक्षित व्यवस्था के भरोसे ने लोगों के अंदर से संक्रमण का भय दूर किया गया। बताया कि ऑपरेशन से पहले वे बंध्याकरण/नसबंदी कराने आए लोगों की कोविड जांच करते हैं। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही ऑपरेशन शुरू करते हैं। सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल करते हैं। बिना मास्क के किसी को भी आने की इजाजत नहीं दी जाती है। भीड़ ना लगे और सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे, इसके लिए मरीज के साथ एक ही व्यक्ति को रहने की अनुमति होती है। ओटी(OT ) (ऑपरेशन थिएटर) को पूरी तरह सैनिटाइज(sanitized) किया जाता है। ऑपरेशन कर रहे सर्जन से लेकर सहायक तक कोविड को लेकर पूरा प्रोटेक्शन लेते हैं। संक्रमण को लेकर सतर्कता के कारण ही कोरोना काल में परिवार नियोजन के आंकड़े में कमी नहीं आई है।

नवंबर के बाद परिवार नियोजन की बढ़ेगी गति :
डॉ. सिन्हा ने बताया कि नवंबर के बाद परिवार नियोजन की गति और बढ़ेगी। ऐसा इसलिए भी है कि समुदाय में लोगों का मानना है कि जाड़े में ऑपरेशन कराने में असुविधा नहीं होगी और जल्दी घाव भरेगा। हालांकि ऐसी कोई बात नहीं है। डॉ. सिन्हा ने बताया ऑपरेशन कभी भी कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि छठ बाद सभी पर्व-त्योहार समाप्त हो जाते हैं। लोगों की व्यस्तताएं खत्म हो जाती हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग इस समय को अपने लिए अनुकूल मानते हैं। यही कारण है कि छठ से लेकर होली के थोड़ा पहले तक ज्यादा लोग परिवार नियोजन कराने आते हैं।

खुशहाली और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है परिवार नियोजन :

डॉ सिन्हा के अनुसार खुशहाली और स्वास्थ्य के लिए परिवार नियोजन बहुत जरूरी है। परिवार नियोजन से गर्भधारण के बीच समय-सीमा की छूट देना है। परिवार नियोजन शुरू करके किसी महिला व बच्चे को संभावित बीमारी से बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया दो बच्चे होंगे तो उनकी परवरिश बेहतर हो सकेगी।

 

कोरोना काल में हर कदम पर सतर्कता जरूरी :
डॉ सिन्हा ने बताया कि अभी कोरोना काल में हर कदम पर सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों के दौरान भी। मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। कोशिश रहे कि अनावश्यक रूप से कोई चीज ना छुएं। हाथ को साबुन से धोते रहें। शारीरिक दूरी का पालन करें। कोविड अनुरूप व्यवहार कोरोना से बचे रहने का उपाय है।

रिपोर्ट :अमित कुमार