Wed. Apr 14th, 2021

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स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध गति देने के लिए ग्रीन चैनल प्रोग्राम के तहत दिया गया प्रशिक्षण

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सभी एएनएम (ANM) और सभी कूरियर को ग्रीन चैनल प्रोग्राम के तहत दिया गया प्रशिक्षण

-दवाइयां, स्वास्थ्य किट व संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे कूरियर के जरिए

मोतिहारी: बेहतर सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर दवाओं की निर्बाध पहुंच सबसे जरूरी शर्त है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन चैनल प्रोग्राम की परिकल्पना की गई थी। आरोग्य दिवस सत्रों पर दवाओं एवं अन्य सामग्रियों की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए इस प्रोग्राम के तहत चकिया अनुमंडलीय अस्पताल में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मास्टर ट्रेनर के रूप में उपादीक्षाक डॉ चंदन कुमार और केयर बीएम कुंदन कुमार रौशन ने मंगलवार को सभी एएनएम और सभी कूरियर को इसके बारे में प्रशिक्षण दिया। मौके पर बीसीएम धर्मेंद्र और स्टोर कीपर कासिम भी मौजूद थे।

दवा, जांच किट और सामान ढोना नहीं पड़ेगा :

ग्रीन चैनल के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षण दे रहे डॉ चंदन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर और नर्सों को सशक्त बनाने के लिए आरोग्य दिवस ग्रीन चैनल के विकास को बल दिया जा रहा है। इसके तहत एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे नर्सों, आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सामान ढ़ोने की व्यवस्था से निजात मिलेगी। आरोग्य दिवस ग्रीन चैनल के तहत ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे कि इन कर्मियों को समय पर निर्बाध रूप से दवाइयां, स्वास्थ्य किट व संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

बैग में रहेगी 17 प्रकार की दवाइयां और 4 प्रकार की जांच किट :

कार्यक्रम के बारे में केयर बीएम कुंदन कुमार रौशन ने बताया कि आरोग्य दिवस सत्र पर समय से दवा पहुंचे, इसके लिए कूरियर को एक बैग में 17 प्रकार की दवाइयां और चार प्रकार की जांच किट दी जाएगी। जांच किट में एचआईवी, (HIV)हीमोग्लोबिन, सिफलिस और प्रेग्नेंसी टेस्ट( pregnancy test ) की किट रहेगी। हर साइट पर कूरियर सुबह में कें दवा का थैला लेकर जाएंगे। यह थैला उन्हें केयर मुहैया कराएगा। उन्होंने बताया कि शाम में लौटते समय ये एएनएम से केन्द्र पर जरूरी दवाओं की सूची लेकर लौटेंगे, ताकि तुरंत उस दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि पहले एएनएम मासिक इंडेंट तैयार कर भेजती थीं, फिर उन्हें लिस्ट के मुताबिक दवाओं की आपूर्ति की प्रक्रिया की जाती थी, जिसमें विलंब हो जाता था। दवाओं की आपूर्ति निर्बाध हो, इसलिए इसका नाम ग्रीन चैनल प्रोग्राम है।

 

कोविड प्रोटोकॉल का रखा जाएगा ख्याल :

उपाधीक्षक डॉ चन्दन कुमार ने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों के दौरान भी पूरी सतर्कता बरतनी है। मास्क का प्रयोग, दो गज की दूरी और सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखना जरूरी है। कोरोना के प्रति सतर्कता ही इससे बचे रहने के लिए एकमात्र समाधान है।

रिपोर्ट : अमित कुमार