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वैशाली प्रखंड में रिकवरी रेट सबसे ज्यादा 98 प्रतिशत, पटेढी बेलसर में जांच में मिले सबसे कम संक्रमित

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हाजीपुर सदर,(Hajipur Sadar,) व लालगंज भी रिकवरी रेट में हैं बेहतर
– जिले का रिकवरी रेट है 93 प्रतिशत

वैशाली: जिले में कोरोना का प्रसार और उसके रोकथाम के लिए जिला प्रसाशन और स्वास्थ्य विभाग ने काफी सचेत दिखती है। इसका नतीजा है कि जिले में कोरोना पॉजीटिवीटी रेट राज्य के पॉजिटीव रेट 4.38 से काफी कम यानि 3.43 ही रहा। यह रेट यहां के लोगों में कोरोना संक्रमण के प्रति सावधानी और सरकार द्वारा किए गये प्रयासों का ही नतीजा है। वहीं कोरोना संक्रमण के रिकवरी दर की बात करें तो यह 93 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार जिले में वैशाली प्रखंड का प्रदर्शन रिकवरी रेट में सबसे बेहतर 98 प्रतिशत है। यहां पर कुल 280 कोरोना केस में से 275 कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। वहीं हाजीपुर सदर 95.79 तथा लालगंज 96 प्रतिशत की रिकवरी दर प्राप्त कर ली है। 31 अगस्त तक जिले में 82550 सैंपल कलेक्ट हो चुके हैं। जिसमें से 3323 पॉजीटिव तथा 3095 लोग कोरोना मुक्त हो चुके हैं। कोरोना जांच की बात करें तो सबसे ज्यादा जांच एंटीजन किट से हुए हैं जिनका प्रतिशत 79.2 हैं। वहीं आरटी(RT) पीसीआर (PCR) से 12 तथा ट्रू नेट से 8.7 प्रतिशत जांच हुई है।

पटेढी बेलसर में सबसे कम लोग हुए संक्रमित
कोरोना के नोडल डॉ. शिव कुमार रावत ने कहा कि जिले में अगस्त के अंत तक कोरोना के कुल 3323 मामलों में पटेढी बेलसर में मात्र 43 पॉजीटिव मिले जो यहां हुए कुल जांच का मात्र 1.16 प्रतिशत है। वहीं अन्य प्रखंडों में चेहराकला में 4202 में 93, देसरी 3311 में 66 तथा गोरौल में हुए 4880 जांच में 88 ही कोरोना के मरीज मिले। इससे यह प्रतीत होता है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना का प्रसार कम हुआ है।

लक्षित घरों से ज्यादा का हुआ सर्वे
लक्षण के आधार पर कोरोना के संक्रमितों की पहचान के लिए चलाए जाने वाले पहले हाउस टू हाउस सर्वे के दौरान 135349 घरों का लक्ष्य रखा गया था, पर इस दौरान आशा और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कुल 149629 घरों का सर्वे किया। वहीं दूसरे चक्र में भी लक्षित घरों की संख्या से ज्यादा कुल 474813 घरों का सर्वे किया गया। अगस्त तक कुल 624442 घरों का सर्वे किया गया।

कोरोना संक्रमितों के लिए मौजूद हैं 1319 बेड
डॉ. शिव कुमार रावत ने कहा कि कोविड 19 के मरीजों को आइसोलेशन(isolation) की व्यवस्था कराने के लिए जिले के सात विभिन्न प्रकार के आइसोलेशन केन्द्रों में कुल 1319 बेड की स्थापना की गई है। जिसमें कोविड केयर सेंटर आइटीआइ हाजीपुर में 400, डेडिकेटेड आइटीआइ(ITI) में 100, आइटीआइ र्क्वाटर में 64, एएनएम स्कूल (ANM School)में सहदेई में 130, एएनएम स्कूल में 400 एएनएम स्कूल राजापाकर 400, आइटी भवन वैशाली में 150, तथ अनुमंडलीय अस्पताल में 75 बेड की व्यवस्था है।

उठाए गये महत्वपूर्ण कदम
डॉ. रावत कहते हैं कि कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन ने मिलकर काफी अच्छा काम किया है। जिसमें सिविल सर्जन डॉ इंद्रदेव रंजन तथा जिलाधिकारी द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गये। जिसमें संक्रमितों की पहचान कर उनका शत् प्रतिशत ट्रेसिंग, कोविड के लक्षण वाले लोगों को उनके घर जाकर चिन्हित करना, कंटेनमेंट जोन का तुरंत निर्माण तथा उनके नियमों का पालन कराना, सेनेटाइजेशन, आइसोलेशन में एडमिट संक्रमितों का प्रतिदिन फॉलोअप करना, मेडिकल स्क्रीनिंग टीम के द्वारा घर का प्रतिदिन जाना, जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना तथा विभिन्न माध्यमों के द्वारा कोविड के प्रति लोगों को सचेत करना जैसी चीजों को कर यहां कोरोना पर नियंत्रण लगाया जा रहा है।

 रिपोर्ट : अमित कुमार