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जीवनशैली में सुधार कर डायबिटीज से बच सकते हैं

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डायबिटीज से बचने के लिए भागदौड़ वाली जीवनशैली में सुधार जरूरी

शिवहर: देश में मधुमेह रोगियों की बढ़ती तादाद चिंता का विषय बनती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए डायबिटीज(मधुमेह) के प्रति लोगों में जनजागरूकता के लिए हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह (डायबिटीज) दिवस मनाया जाता है। इस साल भी इसके तहत जिले में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सिविल सर्जन ने कहा कि भागदौड़ वाली जीवनशैली की वजह से डायबिटीज देश समेत बिहार में तेजी से फैल रहा है। खासकर युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। युवाओं की संख्या भी काफी अधिक है। खानपान की गड़बड़ी, जंक फूड का सेवन, एक्सरसाइज की कमी, तनाव आदि डायबिटीज के प्रमुख कारण है।

डायबिटीज के प्रति जागरूकता का भी अभाव
सिविल सर्जन ने कहा कि डायबिटीज के प्रति लोगों में जागरूकता का अभाव है। अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं होती है जबकि वे इस बीमारी से पीड़ित होते हैं। बीमार पड़ने पर जब जांच होती है तो उन्हें पता चलता है कि वे डायबिटीज से पीड़ित हैं। इसलिए जिनके माता-पिता डायबिटीज से पीड़ित हो उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए और उन्हें नियमित जांच कराते रहना चाहिए। साथ ही कहा डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए एक्सरसाइज (टहलना) रामबाण है।

गर्भवती महिलाओं डायबिटीज का खतरा अधिक
सिविल सर्जन डॉ आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय महिलाओं में गर्भावास्था के दौरान डायबिटीज आम बात होती जा रही है। वर्तमान में डायबिटीज से काफी संख्या में महिलाएं पीड़ित हैं। अनुमान है कि 2040 तक यह आंकड़ा बढ़कर और अधिक होने की उम्मीद है। देश में हर 12 में एक व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। इसका मतलब है देश में सात करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं।

कोरोना के बीच दोहरी चुनौती
कोरोना महामारी के बीच डायबिटीज के रोगियों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य मरीजों के मुकाबले डायबिटीज रोगियों में निमोनिया, फेफड़ों में सूजन तथा संक्रमण होने पर स्थिति काफी बिगड़ सकती है। सिविल सर्जन के मुताबिक, डायबिटीज मरीजों की रोगों से लड़ने की क्षमता सामान्य रोगियों के मुकाबले काफी कम होती है। इससे उनकी आंतों में सूजन तथा जलन बढ़ सकती है।

मुफ्त इलाज और परामर्श की सुविधा
सिविल सर्जन ने कहा कि मधुमेह से प्रभावित व्यक्ति अस्पताल में ओपीडी के समय मुफ्त जांच, परामर्श और दवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

रिपोर्ट : अमित कुमार