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मुजफ्फरपुर: एईएस के बारे में डोर टू डोर किया गया जागरूक, हजारों पदाधिकारियों और कर्मियों को मिल चुका है प्रशिक्षण

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डोर टू डोर सर्वे में 99 प्रतिशत लोगों को एईएस के बारे में किया गया जागरुक
601 सरकारी भवनों पर किया गया दिवार लेखन
20000 सरकारी कर्मियों/ पदाधिकाररियों को मिल चुका है प्रशिक्षण
सभी सरकारी अस्पतालों में एईएस के लिए अलग से हैं वार्ड
मुजफ्फरपुर: एईएस/चमकी(AES/ CHAMI ) बुखार की रोकथाम एवं उस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में एक बैठक की गई। बैठक में एईएस और चमकी को लेकर गांव और पंचायत स्तर पर जन- जागरूकता कार्यक्रम को और गति देने को कहा है। वहीं इसके साथ ही सदर अस्पताल, (Sadar Hospital,)एसकेएमसीएच (SKMCH)एवं पीएचसी(PHC) स्तर पर चिकित्सीय उपलब्धता की भी समीक्षा की गई । समीक्षा के उपरांत निर्देश दिया गया कि सभी पीएचसी अलर्ट मोड में कार्य करें। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए एईएस /चमकी बुखार पर नियंत्रण के मद्देनजर अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीरता बरतें। एईएस संबंधित दवाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस एवं ग्लूकोमीटर की उपलब्धता सभी पीएचसी में रोस्टर वाइज चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की समीक्षा की गई और महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चमकी बुखार को लेकर किए जा रहे प्रचार-प्रसार की विस्तृत जानकारी दी गई स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चमकी के जागरुकता के लिए 8 लाख हैंडबिल का वितरण किया जा चुका है। वहीं कोरोना के लिए डोर टू डोर सर्वे के चक्र में कुल 84 2256 घरों/परिवारों में से 833243 यानी 99% को एईएस के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि आशा द्वारा घर-घर जाकर एईएस के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 601 सरकारी भवनों पर दीवार लेखन का कार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त 64 सामुदायिक भवन 243 महादलित टोलों के आंगनवाड़ी केंद्र 316 महादलित टोला के प्राथमिक विद्यालय(primary school)) और 333 पंचायत भवनों पर भी दीवार लेखन का कार्य किया गया है। वीडियो(Video) एवं ऑडियो क्लिप(audio clips) तैयार कर सभी आशा/(ASHA) आंगनवाड़ी/(Anganwadi) एएनएम (ANM)को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अतिरिक्त लगभग 20000 सरकारी कर्मियों/ पदाधिकारियों को चमकी तथा एईएस से निपटने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। ग्रामीण चिकित्सकों को भी प्रशिक्षण की परिधि में रखते हुए उनका उन्मुखीकरण किया गया है । स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि सभी सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वातानुकुलित 2 बेड का एईएस वार्ड कार्यरत है । वहीं सदर में एईएस के लिए 8 बेड केडीकेएम में 40 बेड एवं एसकेएमसीएच में 64 बेड कार्यरत है। 100 बेड के नए पीकू वार्ड में 60 अतिरिक्त बेड कार्यरत है। राज्य स्तर से एसओपी के अनुसार सभी संस्थानों में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराया गया है तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। सभी वार्ड में 24 x 7 रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी दी जा रही है।


रिपोर्ट :अमित कुमार